उत्तराखंड हरिद्वार

एक बार फिर लापरवाही का खामियाजा भुगता अधिकारियों ने, डीएम ने दो का रोका वेतन

सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई पर तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
-2 कार्मिकों का वेतन रोकने के निर्देश
-जिलाधिकारी की जनसुनवाई कार्यक्रम में 66 समस्याएं की गई दर्ज

हरिद्वार।
जनपदवासियों की समस्याओ का त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में प्रत्येक सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित 66 शिकायतकर्ताओ ने अपनी समस्याएं दर्ज कराई। जिसमें 31 समस्याओ का मौके पर निराकरण किया गया शेष समस्याओ हेतु संबंधित विभागों को तत्काल कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया।
जनसुनवाई कार्यक्रम में भूमि विवाद, अतिक्रमण, जल भराव, पेयजल, विद्युत आदि से संबंधित समस्या दर्ज कराई गई।
जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई में जनता द्वारा जो भी समस्याएं दर्ज कराई जा रही है उन समस्याआें को त्वरित एवं समयबद्धता के साथ निराकरण करना सुनिश्चित करे। इसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही एवं स्थिलता नहीं होनी चाहिए, स्थिलता बरती जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक करवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीएम पोर्टल की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम पोर्टल की समस्याआें के निस्तारण में ढि$लाई बरते जाने पर खंड शिक्षा अधिकारी भगवानपुर, नारसन तथा अधिशासी अभियंता यूपीसीएल लक्सर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए तथा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की समस्याओ निस्तारण हेतु समीक्षा बैठकों का कार्यवृत्त आनलाइन न करने पर ई -डिस्ट्रिक्ट मैनेजर तथा शिकायत प्रकोष्ठ के सहायक का (दोनों का) माह सितंबर का वेतन रोकने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने एआरटीओ को दो पहिया वाहनों पर हेलमेट न लगाने वालो के साथ ही ओवर स्पीडिंग के खिलाफ सख्ती से करवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि दो पहिया वाहन पर 10 परसेंट लोग हेलमेट पहने। ईओ शिवालिक नगर को सर्वे कर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने डीएसओ को निर्देश दिए कि सरकारी सस्ते गल्ले के दुकानदारों द्वारा घोटाला साबित होने पर उनके मुकदमा दर्ज किया जाए, दुकान निरस्तीकरण करने तक ही सीमित न रहे। सीएम स्वरोजगार योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित बैंकर्स को निर्देश दिए कि कोई भी लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट होने पर निरस्तीकरण का स्पष्ट कारण लिखे, यदि कोई समस्याएं है तो समय से अवगत कराए साथ ही डाटा पोर्टल पर भी अपडेट किया जाए जिससे पोर्टल पर कोई पेंडेंसी शो न हो सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान, परियोजना निर्देशक केएन तिवारी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, एचआरडीए सचिव मनीष कुमार, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी, डीएसओ तेजबल सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित जिला स्तरीय सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

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