पहले वीडियोग्राफी, फिर कार्रवाई: नगर निगम हरिद्वार ने अपनाया अतिक्रमण नियंत्रण का नया मॉडल
हरिद्वार। नगर निगम हरिद्वार ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अधिक प्रभावी और साक्ष्य-आधारित बनाने के लिए नई कार्यप्रणाली अपनाई है। अब अतिक्रमण विरोधी अभियान से पहले संबंधित क्षेत्र की वीडियोग्राफी कराई जा रही है, जिसके आधार पर चिन्हित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
रविवार को नगर निगम द्वारा चलाए गए व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान में कार्रवाई शुरू होने से पहले सुबह करीब 10 बजे पूरे क्षेत्र की वीडियोग्राफी कराई गई। इस दौरान फुटपाथों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अतिक्रमणों को चिन्हित किया गया। इसके बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से लगाए गए बोर्ड, सामान और अन्य अतिक्रमणों को हटाते हुए जब्त किया।
अभियान के दौरान बिना लाइसेंस संचालित हो रहे ठेला-फड़ व्यवसायियों पर भी कार्रवाई की गई और उनकी ठेलियों को जब्त किया गया। टीम-1 के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट हरगिरी, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई निरीक्षक श्रीकांत, सफाई निरीक्षक अनिल कुमार, अतिक्रमण सहायक आदित्य तेश्वर, पुलिस प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने अभियान चलाते हुए 90 से अधिक अतिक्रमण हटाए।
वहीं टीम-2 के अंतर्गत एसडीएम योगेश मेहरा, मुख्य सफाई निरीक्षक एवं अतिक्रमण प्रभारी अर्जुन सिंह, सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल, अतिक्रमण सहायक आदित्य तेश्वर तथा पुलिस एवं नगर निगम की टीम ने जयराम आश्रम से वाल्मीकि चौक तक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 50 से अधिक अतिक्रमण हटाकर सार्वजनिक मार्गों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
नगर निगम प्रशासन ने बताया कि भविष्य में बाजार क्षेत्रों में नियमित रूप से जीपीएस युक्त फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाएगी। प्रत्येक अतिक्रमण विरोधी अभियान से पूर्व चिन्हित क्षेत्रों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने अतिक्रमणकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि फुटपाथ, नाली, सड़क अथवा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण पाए जाने पर जुर्माना, सामग्री जब्ती और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए यह साक्ष्य-आधारित अभियान लगातार जारी रहेगा और नागरिकों व व्यापारियों से भी सहयोग की अपेक्षा की जाती है।

















































