हरिद्वार।
हरिद्वार। पुष्पेंद्र निवासी सम्भल उत्तर प्रदेश द्वारा चौकी रोडीबेलवाल में आकर सूचना दी गई कि 27मई को को गंगा स्न्नान के लिए हरिद्वार आये थे। जिसके बाद उनका परिवार रात को हाथी पुल के निकट विष्णु घाट क्षेत्र में एक पेड़ के नीचे सो गया। सुबह उठने पर उन्हे अपनी 04 महीने की बेटी गायब मिली। आसपास काफी तलाशने के बाद भी बच्ची का कोई पता नही चल पाया। बच्ची चोरी से जुड़े इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया।
बच्ची के चोरी होने का सही समय पता न होने के चलते पुलिस टीम ने अनुमानित समय सीमा के बीच की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाते हुए एक संदिग्ध जोड़े की पड़ताल शुरु की। संदिग्ध जोड़ा पहले दिनाँक 27मई को एक बच्चे को साथ लेकर विष्णु घाट पर घूमते हुए और फिर दिनांक 28 मई की सुबह 02 बच्चों के साथ उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस में बैठेते हुए दिखे। बस के चालक/परिचालक से पूछताछ व अन्य पड़ताल से सामने आया कि ये जोड़ा धामपुर में बस से उतरा और फिर हावड़ा जाने वाली ट्रेन में बैठ गए। धामपुर से हावड़ा(प0बंगाल) के मध्य ट्रेन के 65 स्टेशन होने के कारण सभी स्टेशनों से जानकारी जुटाई गई लेकिन कोई भी लाभप्रद सूचना नहीं मिल पायी। पुलिस ने तलाश का एंगल बदलते हुए उक्त संदिग्ध जोड़े के विष्णु घाट तक आने के रूट की जांच की। जिसमें ये जोड़ा 27 मई को शिवालिक नगर क्षेत्र के ब्रह्मपुरी से आते हुये दिखाई दिये। उक्त संदिग्ध महिला-पुरुष की फोटो दिखाकर आस पास पूछताछ की गयी तो प्रकाश में आया कि वह दोनों अपने बच्चे सहित झाड फूंक का काम कर रहे एक बाबा की ब्रह्मपुरी क्षेत्र में बनी हुई झोपडी में रह रहे थे।
लीड मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत झोपडी में दबिश देकर संदिग्ध बाबा सत्यपाल पुत्र विजय सिंह निवासी-ग्राम सैदाबाद कोतवाली लक्सर हरिद्वार और तलाशे जा रहे महिला और पुरुष को बच्ची सहित पकड़ लिया। मिलान करने पर उक्त बच्ची वहीं 04 माह की बच्ची निकली जिसका अपहरण किया गया था।
संदिग्ध दंपति जोड़े ने पूछताछ करने पर अपना नाम पता लाल बहादुर पुत्र कन्हैया लाल निवासी-नगरिया थाना जसवंत नगर इटावा उत्तर प्रदेश
प्रीती रानी पत्नी लाल बहादुर बताया। उनके चार बच्चे हैं जिनमें तीन लड़के और एक लड़की शामिल है। कुछ समय पहले महिला के चचेरे भाई ने उसे बताया था कि 05 लड़कियां पैदा होने के बाद एक दंपत्ति को बेटे की जरुरत है। अगर वह अपना एक बेटा दे दे तो बदले में तीन लाख रुपये मिलेंगे। महिला ने अपना बच्चा देने से मना कर दिया लेकिन बड़ी रकम के लालच में उसने यह बात अपने परिचित सत्यपाल (बाबा) को बतायी। हरिद्वार में लाखों लोगों की भीड़ में घाटों से बच्चे चुराने की सत्यपाल की सलाह पर ही दंपत्ति अपनी छोटी बेटी को साथ लेकर 26 मई को इटावा व लखनऊ से होते हुये ट्रेन से हरिद्वार पहुंचे थे। एक दिन व रात सत्यापाल की झोपड़ी में रुकने के बाद दिनांक 27मई को छोटी बेटी को साथ लेकर हरिद्वार घाट मे गये और बच्चे चोरी करने का मौका तलाशने लगे। अगली सुबह 4.00 बजे के लगभग उन्होंने गहरी नींद मे सो रहे एक परिवार के बीच से उस बच्ची को गलती से लडका समझकर चोरी कर लिया।
चुराए गए बच्चे की लड़की होने की बात पता चलने पर दंपत्ति सत्यपाल के कहने पर अपने घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे लेकिन ट्रेन न मिलने पर बस मे धामपुर गये और वहां से ट्रेन में बैठकर लखनऊ तथा उसके बाद अपने गांव नगरिया चले गये। अपनी बच्ची को घर छोड़कर दंपत्ति सत्यपाल के कहने पर चुराई गई बच्ची को किसी और को बेचने के इरादे से हरिद्वार सत्यपाल की झोपड़ी पर पहुंचे और पकड़े गए।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कुंदन राणा, व0उ0नि0 गोपाल भट्ट, उ0नि0 नवीन चौहान, संजीत कंडारी, उ0नि0 नवीन नेगी, ऋषिकांत पटवाल, विक्रम बिष्ट, है0का0 सतीश नॉटियाल, संजयपाल, संजीव राणा, का0 निर्मल, सुनील चौहान, अजित तोमर, राकेश, जसवंत बहादराबाद शामिल रहे। वहीं
तकनीकी टीम से CIU प्रभारी नरेन्द्र बिष्ट, का0 वसीम, हरवीर, द्वीप गौड़, नरेंद्र, उमेश आदि शामिल रहे।
















































