हरिद्वार। अलकनंदा घाट पर भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित चिंतन शिविर में किसानों की समस्याओं और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा एवं पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि देश के अन्नदाता किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने में विफल रही है, जिसके कारण किसानों पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ और आज किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
भगत सिंह वर्मा ने किसानों के सभी कर्ज माफ करने, सभी फसलों पर लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने, मनरेगा को खेती से जोड़ने तथा डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को तत्काल लागू करने की मांग की। उन्होंने गन्ना किसानों के लिए ₹700 प्रति क्विंटल का लाभकारी मूल्य दिलाने की भी मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र आज भी करोड़ों युवाओं को रोजगार देने की क्षमता रखता है और देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं कृषि क्षेत्र को सशक्त करना आवश्यक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बृज किशोर यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रही हैं, जिससे किसानों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जल, जंगल, जमीन और किसानों को बचाना होगा तथा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की नीतियों को अपनाना होगा।
चिंतन शिविर में भारतीय किसान यूनियन वर्मा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय सलाहकार हाफिज मूर्ति त्यागी, राष्ट्रीय महासचिव रामकुमार नेता, प्रदेश सचिव संदीप एडवोकेट, संजय सिंह, रजत शर्मा, मीडिया प्रभारी दुष्यंत सिंह, ऋषिपाल प्रधान, जिला पंचायत सदस्य सुधीर चौधरी, अरविंद चौधरी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।















































