उत्तराखंड नैनीताल हरिद्वार

मिगलानी ने युवाओं में बढ़ते नशे पर जताई गहरी चिंता

 

आज के आधुनिक युग में जब हम खुद को जागरूक और प्रगतिशील मानते हैं, उसी बीच हमारे समाज के बीच में छिपा एक खतरनाक शत्रु हमारे परिवारों पर सीधा प्रहार कर रहा है। यह शत्रु है नशा’। उत्तराखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ललित मिगलानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि नशा समाज को नासूर की तरह रोज़ खोखला कर रहा है और सैकड़ों परिवार बर्बाद हो चुके हैं।

ललित मिगलानी ने बताया, “कानून में नशे के खिलाफ बेहद सख्त प्रावधान हैं। नशीले पदार्थों को खरीदना, बेचना या रखना—इनमें से किसी भी अपराध पर 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।” उन्होंने कहा कि पहले नशे को चरस, गांजा, अफीम आदि के रूप में जाना जाता था, लेकिन आधुनिक युग में यह अब दवाइयों के रूप में भी खुलेआम व्यापार हो रहा है, जो और भी घातक है।

अधिवक्ता मिगलानी ने दवा विक्रेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा, “कुछ दवा वाले थोड़े से मुनाफे के लालच में समाज को नशे की आग में धकेल रहे हैं। अगर कोई व्यक्ति या दवा विक्रेता प्रतिबंधित दवाइयों के जरिए नशे का कारोबार कर रहा है, तो न सिर्फ उसकी दुकान का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है, बल्कि 20 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।”

उन्होंने आम नागरिकों से अपील की, “अगर किसी की जानकारी में ऐसा कोई मामला आता है तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। अगर आप जान-बूझकर अनजान बनते हैं तो हो सकता है कि कल आपका या आपके परिवार का कोई सदस्य इसका शिकार बन जाए। इसलिए सतर्क रहें, सावधान रहें।”

ललित मिगलानी ने विशेष रूप से युवाओं में तेजी से बढ़ते नशे के चलन पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का भविष्य नशे की इस लत के कारण अंधकारमय हो रहा है और समाज को इसे जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। नशा न सिर्फ व्यक्ति को, बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर देता है। कानून सख्त है, लेकिन जागरूकता और सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। अगर आप या आपके आस-पास कोई ऐसा मामला देख रहे हैं तो बिना देरी के पुलिस हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में सूचना दें।

नशा मुक्त समाज की दिशा में एक छोटा कदम भी बड़ा बदलाव ला सकता है।

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *