उत्तराखंड क्राइम रूडकी

रुड़की को कैराना बनने से बचाया, असलाह फैक्ट्री पकड़ी भारी मात्रा में हथियार बरामद

रुड़की।
हरिद्वार पुलिस ने अपराध नियंत्रण और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली गंगनहर पुलिस ने कप्तान नवनीत सिंह के नेतृत्व में एक अवैध असलहा बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार, अधबने हथियार और निर्माण उपकरण बरामद किए तथा एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘अपराध मुक्त हरिद्वार’ अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं पुलिस उपाधीक्षक रुड़की के निर्देशन में कोतवाली गंगनहर के प्रभारी निरीक्षक मनी भूषण श्रीवास्तव ने एक विशेष टीम गठित की। मुखबिर की सूचना पर बीती 15 मार्च को टीम ने सुनहरा सलेमपुर रोड स्थित जेपीएस टोटल सोल्यूशन वर्कशॉप पर छापा मारा।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी जावेद पुत्र ताहिर अहमद, निवासी शक्ति मोहल्ला, रुड़की (थाना सिविल लाइन्स, जिला हरिद्वार) को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसका पुश्तैनी पेशा खराद (मशीन वर्क) का है। इसी हुनर का फायदा उठाकर वह अपनी वर्कशॉप में डाई (फर्मा) बनाने की आड़ में अवैध तमंचे, पिस्टल और अन्य हथियार तैयार कर रहा था। लालच में वह इन हथियारों का निर्माण कर रहा था।
बरामदगी में पुलिस को 6 अवैध तमंचे,1 अधबनी पिस्टल,1 अधबनी .22 बोर राइफल, .22 बोर नाल में प्रयुक्त पाईप (12 इंच), 30 बोर पीतल का पाईप (17 इंच), 12 बोर नाल में प्रयोग होने वाला पाईप (20.6 इंच), लोहे की बॉडी में प्रयुक्त ऊपरी खांचा, 1 मैगजीन (.22 बोर), 38 खोखा कारतूस (.22 बोर), 6 जिन्दा कारतूस (.22 बोर),1 जिन्दा कारतूस (32 बोर), 3 खोखा कारतूस (32 बोर), 2 जिन्दा कारतूस (12 बोर) बरामद किए।
पुलिस टीम में मुख्य रूप से प्रभारी निरीक्षक मनी भूषण श्रीवास्तव (कोतवाली गंगनहर), वरिष्ठ उप निरीक्षक दीप कुमार, उप निरीक्षक मुनव्वर हसन, नवीन कुमार, पंकज कुमार, अपर उप निरीक्षक मनीष कवि, हेड कांस्टेबल इसरार अली, कांस्टेबल नितिन, रवि कुमार
– कांस्टेबल/चालक लाल सिंह शामिल रहे।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है तथा आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार का कहना है कि अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी पर लगाम कसने के लिए अभियान जारी रहेगा।

 

बीते कुछ वर्षों में हरिद्वार जनपद में अपराधों में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है। हत्या, लूट, चोरी, राहजनी, वैश्यावृत्ति, मादक पदार्थों की तस्करी, गौ-तस्करी, सट्टा और अन्य जघन्य अपराधों के धंधे खुलेआम फल-फूल रहे हैं।
सीमावर्ती जनपद होने के कारण अब देहात क्षेत्रों में भी क्राइम रेट तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में रुड़की में अवैध हथियारों की फैक्ट्री पकड़े जाने का मामला उत्तर प्रदेश के हरियाणा बॉर्डर से सटे कैराना की याद दिला रहा है।

हालाँकि अपराधियों को पकड़ने में हरिद्वार पुलिस उत्तराखंड के अन्य जनपदों तथा कई अन्य राज्यों की पुलिस से भी अधिक तेजी और प्रभावशीलता से काम कर रही है, फिर भी सवाल यह है कि 

तेज-तर्रार पुलिस अपराधियों पर लगातार कार्य कर रही है, तो फिर अपराध क्यों बढ़ रहे हैं.? 

 

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