उत्तराखंड क्राइम हरिद्वार

खुलासा: प्यार में रोड़ा बने पिता की हथौड़े से वार कर हत्या

 इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के बाद जो सच सामने आया, वह हैरान करने वाला है। मृतक की बेटी के प्रेम में पागल एक युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।

बहादराबाद।

कोतवाली बहादराबाद क्षेत्र के अंतर्गत हुए राजवीर हत्याकांड का एसएसपी नवनीत सिंह ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने प्रेम प्रसंग के चलते इस जघन्य अपराध को स्वीकार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा, मोटरसाइकिल और मृतक का मोबाइल व पर्स बरामद कर लिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बीती  27 अप्रैल की सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति लहूलुहान हालत में पड़ा है। मृतक की पहचान बिजनौर निवासी राजवीर सिंह के रूप में हुई, जो सिडकुल की एक कंपनी में काम करता था। मृतक के बेटे प्रियांशु ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस के लिए यह एक ‘ब्लाइंड मर्डर’ केस था, क्योंकि मौके पर कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था।
पुलिस जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी पंकज कुमार को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पंकज ने बताया कि उसका मृतक राजवीर की शादीशुदा बेटी के साथ प्रेम संबंध था। पंकज चाहता था कि वह अपने पति को तलाक देकर उससे शादी कर ले, लेकिन राजवीर इस रिश्ते के खिलाफ था। पंकज ने राजवीर को अपने रास्ते का कांटा समझते हुए उसे हटाने की साजिश रची।
योजना के मुताबिक, 26 अप्रैल की शाम पंकज और उसके साथी छोटेलाल ने राजवीर को शराब पिलाने के बहाने बुलाया। वे उसे बौंगला अंडरपास के पास स्थित एक खेत में ले गए। वहां शराब पीने के बाद, जब राजवीर नशे में था, आरोपियों ने हथौड़े से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
एसएसपी हरिद्वार के निर्देशन में गठित टीम ने लक्की हॉस्पिटल के पास से पंकज को दबोचा। उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी छोटेलाल को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा। मृतक का मोबाइल, पर्स, एटीएम और पैन कार्ड बरामद किए हैं।
खास बात यह रही कि हत्यारों ने शराब के ठेके पर मृतक के ही फोन से ऑनलाइन पेमेंट की थी, जिससे पुलिस को उन तक पहुँचने में अहम सुराग मिला।
इस खुलासे में प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह, एसओ सिडकुल अजय शाह, सीआईयू हरिद्वार और फील्ड यूनिट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की मुस्तैदी की वजह से महज दो दिनों के भीतर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया। अपराध जगत की ऐसी ही खबरों के लिए जुड़े रहें।

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