हरिद्वार।
धर्मनगरी में चारधाम यात्रा और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए जाम से राहत दिलाने की दिशा में हरिद्वार पुलिस ने ठोस पहल शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस, लोक निर्माण विभाग, संभागीय परिवहन विभाग और NHAI की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख चौराहों और यातायात प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान यातायात दबाव, सड़क संरचना, पार्किंग व्यवस्था और अन्य भौतिक चुनौतियों का गहन अध्ययन किया गया। सर्वेक्षण में पाया गया कि सुबह 9 बजे से 11 बजे और शाम 5 बजे से 8 बजे के बीच स्कूल, कार्यालय और चारधाम यात्रा के कारण वाहनों का दबाव सबसे अधिक रहता है।
संयुक्त टीम ने फुटपाथों और सर्विस लेन पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, लेफ्ट टर्न में बाधाएं, कम टर्निंग रेडियस, सड़क ढाल संबंधी समस्याएं, सिग्नल टाइमिंग में सुधार की आवश्यकता तथा घिस चुकी ज़ेबरा क्रॉसिंग और लेन मार्किंग जैसे मुद्दों को चिन्हित किया।
अधिकारियों के अनुसार कुछ प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न को फ्री करने, सड़क चौड़ीकरण, ड्रॉप लेन निर्माण, डिवाइडर सुधार और यातायात संकेतकों के उन्नयन से लगभग 30 प्रतिशत तक जाम की समस्या कम की जा सकती है।
हरिद्वार पुलिस ने बताया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सुधारात्मक कार्यों की कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।
पुलिस ने वाहन चालकों से लेन अनुशासन का पालन करने, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने और यातायात नियमों का पालन कर जाम मुक्त एवं सुरक्षित हरिद्वार बनाने में सहयोग की अपील की है।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक यातायात बिपेंद्र सिंह, निरीक्षक सीपीयू हितेश कुमार, परिवहन विभाग की वरुणा खंडेलवाल, लोक निर्माण विभाग के दीपक, NHAI के प्रेम बल्लभ और अतुल शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
















































