हरिद्वार। भाई साहब भंडारा कर दो भूखों को रोटी मिलेगी भगवान आपका भला करेगा… यह आवाज अक्सर हर की पौड़ी से सीसीआर जाते हुऎ पुल के ऊपर सुनाई देती थी…
हर वापस लौटाते यात्री से यह निवेदन रामा शंकर गुप्ता भंडारा करने के लिये करते थे, जो उनकी एक सेवा के साथ-साथ उनका व्यवसाय भी था। वह भंडारा करने के इछुक यात्रियों से थोड़े से पैसे लेकर आसपास बैठे फक्कड़ साधुओं, भूखे ओर भिखारियों को भोजन वितारित करते थे,,, उनकी इसी खासियत ने उन्हें आम से खास बनाया।
रमा शंकर गुप्ता सोशल मीडिया पर भंडारा किंग के नाम से मशहूर रहे, हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर पुलिस ने अंतिम संस्कार कर दिया। 9 जुलाई को 52 साल के रामा शंकर गुप्ता का बीमारी के चलते निधन हो गया था। उनका शव हरिद्वार में एक टॉयलेट के पास मिला था। लावारिस शव के अंतिम संस्कार की एसओपी के तहत हरिद्वार पुलिस ने पूरी विधि विधान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक रामा शंकर गुप्ता यूपी के हरदोई जिले के रहने वाले थे। अंतिम संस्कार के लिए पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया, लेकिन परिजन अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचे। आपको बता दें कि रामा शंकर गुप्ता हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपने खास अंदाज में भंडारा करवाने को लेकर सोशल मीडिया पर फेमस हुए थे। उनकी मौत के बाद सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि का दौर जारी है।
















































