मुख्यमंत्री के निर्देश पर बदरीनाथ धाम के दान-चढ़ावे की होगी उच्चस्तरीय जांच, तीन सदस्यीय समिति गठित
15 दिनों में शासन को सौंपेगी रिपोर्ट, दान प्रबंधन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए भी देगी सुझाव
देहरादून।
श्री बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड शासन ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति मंदिर में प्राप्त दान-चढ़ावे के प्रबंधन और उससे जुड़ी शिकायतों की विस्तृत जांच करेगी तथा 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट और संस्तुतियां शासन को सौंपेगी।
शासन द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता आयुक्त गढ़वाल मंडल करेंगे। समिति में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय महानिदेशक के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।
सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति दान-चढ़ावे से संबंधित सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी। आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा संबंधित व्यक्ति से सहयोग एवं परामर्श भी प्राप्त कर सकेगी।
इसके अलावा समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव भी शासन को देगी। सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखते हुए मंदिर की दान व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।













































