हरिद्वार। दिल्ली-लखनऊ हादसों के बाद हरकत में आया अग्निशमन विभाग, कोचिंग संस्थानों की जांच पर उठे सवाल
हरिद्वार दिल्ली और लखनऊ में कोचिंग संस्थानों से जुड़े अग्निकांडों के बाद हरिद्वार का अग्निशमन विभाग सक्रिय तो हुआ, लेकिन उसकी कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि विभाग ने शहर के केवल कुछ कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर औपचारिकता निभाई और चार संस्थानों को 15 दिन का नोटिस जारी कर अपनी कार्रवाई पूरी मान ली।
जानकारी के अनुसार, अग्निशमन विभाग पिछले कुछ समय से विभिन्न स्कूलों में अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाता रहा है, लेकिन शहर के कोचिंग संस्थानों में, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे अभियान नहीं चलाए गए। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
सूत्रों का दावा है कि एक जागरूक नागरिक द्वारा सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद विभाग ने कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण शुरू किया। हालांकि, शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि निरीक्षण व्यापक होने के बजाय सीमित रहा और कई संस्थानों तक टीम नहीं पहुंची।
इस संबंध में मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि संस्थानों की जांच की गई, जिनमें कमियां पाए जाने पर संस्थानों को 15 दिन के भीतर आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। विभाग का कहना है कि आगे भी अन्य संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बड़ा सवाल है कि क्या कोई दुर्घटना अग्निशमन विभाग के 15 दिन के नोटिस का इंतजार करेगी..? जबकि कई कोचिंग संस्थान संकरी गलियों के बीच चल रहे है, जहां न अग्निशमन यंत्र लगाए गए है ना ही वह व्यवसायिक स्थान है।


















































