उत्तराखंड हरिद्वार

हरिद्वार में भी हो सकता था बड़ा हादसा, फिटनेस पर उठे सवाल

 

हरिद्वार। भेल क्षेत्र में बड़ा हादसा टल गया। भूमानन्द नर्सिंग कॉलेज से 20-25 छात्राओं को लेकर आ रही बस के दो सीएनजी सिलेंडर अचानक निकल कर टायर में फंस गए और सिलेंडरों से गैस लीक होने लगी। ये देखकर बस में सवार छात्रों में अफरा तफरी मच गई। यह घटना भेल के एचआरडीसी चौक की है। बस ड्राइवर ने धैर्य से काम लेते हुए बस को साइड में रोका और सभी छात्रों को नीचे उतारा गया। सूचना पाते ही भेल की सुरक्षा एजेंसी सीआईएसएफ भी एक्टिव हो गई और चौक के रास्ते को डाइवर्ट कर दिया। वहीं फायर ब्रिगेड की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। काफी देर तक सीएनजी गैस का रिसाव होता रहा। हालांकि गनीमत रही की गैस सिलेंडर में आग नहीं लगी और बड़ा हादसा टल गया। चलती बस से सिलेंडर खुलकर गिरने पर भूमानंद नर्सिंग कॉलेज की बसों के मेंटेनेंस पर सवाल उठ रहा है।

किराए की बस ओर स्कूल की बस के रंग में अंतर

भूमानन्द नर्सिंग कॉलेज की ये निजी बस छात्रों को कॉलेज के कर आने और वापस छोड़ने का कार्य वर्षो से कर रही है, बस में लगे cng सिलेंडर अचानक नीचे गिरने के बाद बस के टायरों के साथ कुछ दूर तक घिसडते चले गए एक बड़ा हादसा होने से टल गया। बस की फिटनेस पर सवाल उठ रहे है। जबकि हरिद्वार के अधिकतर बड़े निजी स्कूलों में किराए की बसें चलाई जा रही है। उन बसों को देख ही पता चलता है कि वो अपना वक़्त लगभग पूरा कर चुकी है, इन डग्गामार स्कूली बसों में छात्रों की सुरक्षा के भी कोई व्यवस्था नही है न तो इन बसों का रंग यातायात के नियमो के अनुकूल है न ही खिड़कियों पर जाली लगी है, अग्नि रोधक यंत्र, चिकित्सा पेटी, इन किराए की स्कूल बस का पीला रंग भी स्कूली बसों से भिन्न होता है, किसी पर हाथी तो किसी बस पर घोड़ा तो किसी पर शेर बना है, तो कई बसों पर ट्रेवलर का नाम लिखा होता है जिससे देख कर लगता है। ये स्कूल बस कम यात्री वाहन अधिक नज़र आते है।

 

 

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