हरिद्वार।
उत्तराखण्ड सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत एक महत्वपूर्ण फैसले में कलेक्ट्रेट हरिद्वार के लोक सूचना अधिकारी एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी आशीष कुमार वर्मा पर दस हजार रूपये की शास्ति अधिरोपित की है। आयोग ने यह कार्रवाई आयोग के पूर्व आदेशों की अवहेलना तथा सूचना उपलब्ध न कराने के मामले में की है।
मामला हरकी पौड़ी सौन्दर्यकरण योजना, हैरीटेज लाइट, गंगा सफाई, स्थायी पुलों एवं सोलर लाइट जैसी जनहित से जुड़ी योजनाओं से संबंधित सूचनाओं का है। शिकायतकर्ता रमेशचन्द्र शर्मा ने वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से विभिन्न विभागों से सूचना मांगी थी। बाद में यह मामला द्वितीय अपील संख्या 35223 के रूप में उत्तराखण्ड सूचना आयोग पहुंचा।
मुख्य सूचना आयुक्त अनिल चन्द्र पुनेठा ने 30 नवम्बर 2022 को पारित आदेश में शहरी विकास विभाग, ऊर्जा विभाग एवं जिलाधिकारी हरिद्वार को संबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। आयोग ने स्पष्ट कहा था कि मामला जनहित से जुड़ा होने के कारण संबंधित विभाग सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि आयोग के आदेश के बावजूद वर्षों तक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद उन्होंने आयोग में शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के दौरान लोक सूचना अधिकारी द्वारा दावा किया गया कि सूचना प्रेषित कर दी गई है, लेकिन आयोग के समक्ष डाक रसीद अथवा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड एवं तथ्यों से स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता को आज तक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई तथा आयोग के आदेशों का पालन नहीं किया गया। आयोग ने इसे सूचना का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन तथा आदेशों की अवहेलना माना।
आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(1) के अंतर्गत आशीष कुमार वर्मा पर दस हजार रूपये की शास्ति लगाते हुए निर्देश दिए कि निर्धारित अवधि में राशि राजकोष में जमा कराई जाए। भुगतान न होने की स्थिति में जिलाधिकारी हरिद्वार को संबंधित अधिकारी के वेतन से तीन किश्तों में कटौती कर राशि जमा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि शास्ति ई-चालान के माध्यम से जमा की जा सकती है तथा इसकी विस्तृत प्रक्रिया आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। मामले को अंतिम रूप से निस्तारित करते हुए आदेश की प्रतिलिपि संबंधित पक्षों एवं सचिव, उत्तराखण्ड सूचना आयोग को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गई है।


















































