हरिद्वार।
नगर कोतवाली क्षेत्रांतर्गत शिवमूर्ति के निकट राहगीरों को आकृषित करने वाली महिलाओं के दो पक्षो में गली गलौच मारपीट पर उतारू महिलाओं पर मुकदमा दर्ज।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद हरिद्वार के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में 07 महिलाओं को हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार दिनांक 09 मई को चौकी प्रभारी मायापुर अपनी पुलिस टीम के साथ शिवमूर्ति चौक रेलवे गेट क्षेत्र में होटल, ढाबों, धर्मशालाओं की चेकिंग एवं सुरक्षा/यातायात व्यवस्था में ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान रेलवे गेट के पास दो पक्षों की महिलाओं के बीच जमकर गाली-गलौच और मारपीट होती दिखाई दी।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जांच की तो पता चला कि आने-जाने वाले व्यक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करने को लेकर दोनों पक्षों की महिलाओं में विवाद हुआ था, जो बाद में झगड़े और मारपीट तक पहुंच गया।
पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों की महिलाओं को हिरासत में लेकर शांति भंग एवं संभावित संज्ञेय अपराध की आशंका को देखते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम पते महिला निवासी हाल काला गेट केबिन केयर रोशनाबाद, थाना सिडकुल हरिद्वार, मूल निवासी ग्राम कलसिया, थाना बेहट, जिला सहारनपुर (उ.प्र.) महिला निवासी हाल झुग्गी-झोपड़ी रोडीबेलवाला, थाना कोतवाली नगर हरिद्वार, मूल निवासी सराय रोहिल्ला, दिल्ली। महिला निवासी हाल कटहरा बाजार, थाना ज्वालापुर हरिद्वार, मूल निवासी लोनी, गाजियाबाद। महिला निवासी हाल नियर केनरा बैंक जगजीतपुर, थाना कनखल हरिद्वार, मूल निवासी ग्राम ऊजा, पानीपत (हरियाणा)। महिला निवासी केनरा बैंक जगजीतपुर, थाना कनखल हरिद्वार, मूल निवासी मनीमाजरा, चंडीगढ़। महिला निवासी झुग्गी-झोपड़ी दुबग्गा, लखनऊ। महिला निवासी हाल किशनचंद का मकान कटहरा बाजार, थाना ज्वालापुर हरिद्वार, मूल निवासी निमसार, जिला हरदोई (उ.प्र.) बताया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक ऋषिकांत पतवाल, महिला उपनिरीक्षक अनीता शर्मा, निशा सिंह, म0हे0कानि0 शारदा राठी, म0कानि0 शोभा, म0कानि0 अनीता थापा, म0कां0 मुन्नी राणा, का0 आनंद तोमर, का0 परविंद सिंह, का0 वीरेंद्र सिंह शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि धर्मनगरी हरिद्वार को आजादी ने पहले अंग्रजो के समय मे बने बायलॉज में भी हिन्दू सनातन धर्म की सांस्कृतिक राजधानी धर्मनगरी हरिद्वार को नशा, मांस, मदिरा, मादक पदार्थ, वैश्यावर्ती प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। लेकिन बीते कुछ वर्षों से धर्मनगरी के मुख्य वक्षस्थल पर ही ये सभी अवैध ओर प्रतिबंधित धंधे धड़ले से संचालित हो रहे है। मित्र पुलिस द्वारा की जाने वाली कारवाही के बावजूद ये काले धंधे दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे है। देवभूमि उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी में नशा मुक्त देवभूमि मिशन 2025 की घोषणा वर्ष 2022 में शपथ ग्रहण करने के बाद ही कर दी थी। लेकिन नशामुक्त देवभूमि मिशन 2025, वर्ष 2025 समाप्ति के साथ ही दम तोड़ गया। देवभूमि तो दूर धर्मनगरी हरिद्वार भी नशा मुक्त नही हो पाया। वरण वैश्यावर्ती ने भी प्रतिबंधित क्षेत्र में अपने पांव पसार दिए है। अब देखना होगा ये नया मिशन प्रहार अपराध, नशा ओर वैश्यावर्ती पर कितना शिकंजा कस पायेगा या ये भी वर्ष 2025 की तर्ज पर ही दम तोड़ देगा।




















































