हरिद्वार।
प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान अखंड परशुराम अखाड़े के संतों ने कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं से महत्वपूर्ण अपील की संतों ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, संयम और अनुशासन का प्रतीक है इसलिए सभी शिवभक्त स्वच्छ तन और स्वच्छ मन के साथ यात्रा पूरी करें
अखाड़े के संतों ने कांवड़ यात्रा में इस्तेमाल होने वाले बड़े डीजे पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि अत्यधिक तेज आवाज़ में बजने वाले डीजे से आसपास के लोगों, खासकर हृदय रोगियों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को परेशानी होती है आस्था के नाम पर किसी दूसरे को कष्ट पहुंचाना उचित नहीं है
संतों ने कहा कि धर्मनगरी हरिद्वार हर वर्ष लाखों कांवड़ियों का खुले दिल से स्वागत करती है यहां आने वाले सभी श्रद्धालु भगवान शिव के अतिथि हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की भी जिम्मेदारी है कि वे यात्रा के दौरान मर्यादा, अनुशासन और धार्मिक गरिमा का पूरा ध्यान रखें।
उन्होने कहा कि शंकर भगवान ने कभी चिलम नही पी लेकिन इन फिल्मो ने हमारे धर्म का उपहास उडाया है भगवान को चिलम पीते दिखाया जाता है भगवान की झाकियो को फिल्मी गानो पर नृत्य करते देखा जाता है अगर इस बार ऐसा कृत्य होता है तो अखंड परशुराम अखाडा उसका कडा विरोध करेगे उन्होने कहॉ कि सनातन समाज को अब जरुरत है कि वह अपने सनानत को समझे ओर नियमो का पालन करे , उन्होंने यह भी कहा कि हर साल देखने में आता है कि कुछ असामाजिक तत्व नशा कर हुड़दंग मचाने की कोशिश करते हैं, जिससे पूरी कांवड़ यात्रा की छवि खराब होती है ऐसे लोगों से अखाड़े ने विशेष आग्रह किया कि वे इस पवित्र यात्रा को शांतिपूर्ण और मर्यादित ढंग से संपन्न होने दें तथा किसी भी तरह की अशोभनीय हरकत से बचें। इस अवसर पर महंत कार्तिक गिरी, पवन कृष्ण शास्त्री, स्वामी रुद्रानंद, आदित्य जगूड़ी, डॉ, दिनेश बाली उपस्थित रहे।
















































