हरिद्वार।
सीएससी सेंटरों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को खपाने वाले गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश। गिरोह के सदस्यों ने सीएससी सेंटरों तथा अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों के QR और स्कैनर कोड का दुरुपयोग कर विशेष एपीके फाइलों के माध्यम से लोगों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी की थी।
जनपद में साइबर अपराधियों एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली लक्सर पुलिस, CIU रुड़की एवं साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी की धनराशि को ठिकाने लगाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। जानकारी के अनुसार ठगी से मिली रकम को सीधे सीएससी संचालकों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाता था, ताकि धन का वास्तविक स्रोत छिपाया जा सके। गिरोह नकदी लेकर सीएमडी मशीनों से रकम अपने सहयोगियों द्वारा उपलब्ध कराए गए खातों में जमा कराता था। जांच में CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्य की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। आरोपियों के व्हाट्सएप चैट से QR स्कैनर व स्क्रीनशॉट बरामद हुए, जिनका मिलान CCTV से किया गया। पुलिस टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिसमें दोनों ने अपराध कबूल किया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 48 हजार नकद और एक घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सहारनपुर के थाना बेहट निवासी अंकित चौहान और विशाल चौहान के रूप में हुई है।
पुलिस टीम मे प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोशियारी, व0उ0नि0 नितिन चौहान, उ0नि0 राजीव उनियाल, कानि0 पंचम, कानि0 रियाज आदि शामिल रहे। CIU / साइबर सेल टीम मे रविन्द्र शाह, प्रभारी CIU, ASI अश्विनी, CIU, कानि0 ओसाब, साइबर सेल रुड़की शामिल रहे।
















































