हरिद्वार में मदरसों की मान्यता पर सख्ती, बिना पंजीकरण संचालन पर होगी कार्रवाई: डॉ. गांधी
हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने सोमवार को हरिद्वार पहुंचकर जनपद में संचालित मदरसों की मान्यता और पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में संचालित सभी मदरसों का शासन के निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप पंजीकरण एवं मान्यता कराना अनिवार्य है। बिना मान्यता संचालित होने वाले मदरसों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक से पहले अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा और जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अभिषेक शुक्ला ने डॉ. गांधी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों और मदरसा संचालकों ने भाग लिया।
डॉ. गांधी ने कहा कि मदरसों के पंजीकरण से शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मदरसा संचालकों से समन्वय स्थापित कर उन्हें पंजीकरण प्रक्रिया की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर पात्र मदरसों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने मदरसा संचालकों से अपील की कि वे शासन द्वारा निर्धारित मानकों और आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर आवेदन करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन मदरसों का संचालन बंद हो चुका है, वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों का प्रवेश निकटवर्ती सरकारी विद्यालयों में कराया जाए।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अभिषेक शुक्ला ने बताया कि हरिद्वार जनपद में कुल 271 मदरसे संचालित हैं। इनमें से 47 मदरसों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है, जबकि 5 मदरसों को अब तक मान्यता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 18 आवेदनों पर 29 जुलाई को विचार किया जाएगा, जबकि 24 आवेदनों का स्थलीय निरीक्षण किया जाना शेष है। सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही संबंधित मदरसों को मान्यता दी जाएगी।
बैठक के दौरान अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा ने पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और शासन के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी देते हुए मदरसा संचालकों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी, संबंधित विभागों के प्रतिनिधि तथा जनपद के विभिन्न मदरसा संचालक उपस्थित रहे।
















































