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हरिद्वार में 60 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास प्रशिक्षण पर जोर, पारदर्शिता और जनभागीदारी से योजनाएं बनाने का आह्वान
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक दिवसीय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव हैं। प्रदेश के सभी विकासखंडों में 60 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को क्षमता विकास प्रशिक्षण से जोड़ना ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि पंचायतें सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। स्थानीय समस्याओं को समझते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जनप्रतिनिधियों की प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने पंचायत विकास योजनाओं में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के साथ विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 56 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। राज्य की 7,817 ग्राम पंचायतों में से 5,972 में पंचायत भवन ग्राम सचिवालय के रूप में संचालित हो रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में 1,362 पंचायत भवनों का निर्माण और 584 की मरम्मत की गई है, जबकि एक हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का कम्प्यूटरीकरण किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से पंचायतों की कार्ययोजनाओं, वित्तीय एवं भौतिक प्रगति और विकास कार्यों की जियो टैगिंग की जा रही है। पंचायतों के बजट का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए, क्योंकि सरकारी धन जनता का धन है। उन्होंने पेयजल, सड़क, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को पंचायत विकास योजनाओं में प्राथमिकता देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमिता, कृषि, बागवानी, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांवों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर पलायन को कम करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सड़क, बिजली, पंचायत भवन और विद्यालय जैसी सुविधाओं के विकास में पंचायतों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने प्रतिनिधियों से योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
