खाने-पीने का लालच देकर बच्चों को बहलाने और अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए धमकाने के आरोप; आक्रोशित लोगों ने आरोपी के चेहरे पर कालिख पोतकर सड़क पर घुमाया**
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बच्चों के कथित यौन उत्पीड़न और उन्हें धमकाने का गंभीर मामला सामने आया है। नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में सामने आए इस मामले में परिजनों ने एक व्यक्ति पर बच्चों को खाने-पीने की चीजों का लालच देकर अपने साथ ले जाने, कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाने और उनके साथ अश्लील हरकतें करने के आरोप लगाए हैं। आरोप यह भी है कि बच्चों की फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने की धमकी दी जाती थी। मामला उजागर होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने आरोपी को पकड़कर उसके चेहरे पर कालिख पोती और उसे सड़क पर घुमाने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
दिसंबर से फरवरी के बीच की बताई जा रही घटनाएं
मामला देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। परिजनों की शिकायत के अनुसार, कथित घटनाएं दिसंबर से फरवरी के बीच हुईं। आरोप है कि आरोपी बच्चों को खाने-पीने की चीजों का लालच देकर अपने साथ ले जाता था। इसके बाद कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाने और बच्चों के अचेत होने पर उनके साथ अश्लील हरकतें करने की बात कही गई है।
मामले का खुलासा होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप
परिजनों ने आरोपी पर बच्चों की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाने तथा उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर डराने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर हथियार होने की बात कहकर बच्चों को जान से मारने की धमकी भी देता था। आरोप है कि इसी डर के कारण बच्चे लंबे समय तक अपने परिवारों को घटना के बारे में बताने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
आरोपी के चेहरे पर कालिख पोतकर सड़क पर घुमाया
मामले की जानकारी सामने आते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसके चेहरे पर कालिख पोतकर सड़क पर घुमाया। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। लोगों ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।
विधानसभा कैंटीन में काम करने का दावा
आरोपी की पहचान जितेंद्र उर्फ नंदू महाराज के रूप में बताई गई है। जानकारी के मुताबिक, वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना-धामपुर क्षेत्र का निवासी है और वर्तमान में उत्तराखंड विधानसभा की कैंटीन में काम करता है। हालांकि, आरोपी की पृष्ठभूमि और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच के दौरान की जानी है।
पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज, पुलिस कर रही जांच
नेहरू कॉलोनी के कोतवाल देवेंद्र चौहान के मुताबिक, परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर जितेंद्र उर्फ नंदू महाराज के खिलाफ संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फोटो-वीडियो से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस मामले ने बच्चों की सुरक्षा, उनकी चुप्पी के पीछे छिपे डर और भरोसे का दुरुपयोग किए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि बच्चों को सुरक्षित माहौल दिया जाए, उनकी बातों को गंभीरता से सुना जाए और किसी भी तरह की शिकायत सामने आने पर तत्काल पुलिस या संबंधित बाल संरक्षण एजेंसियों से संपर्क किया जाए।
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच जारी है। आरोपों की वास्तविकता जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। नाबालिग पीड़ितों की पहचान और उनसे जुड़ी निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है।




















































