देहरादून/vikas tiwari। उत्तराखंड में आने वाले दिनों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से 13 अगस्त 2026 को जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के मद्देनजर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को आवश्यक सावधानियां बरतने और तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और वर्षा के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के साथ ही किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने को कहा है। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ मौसम और आपदा संबंधी परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना है। वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की भी आशंका जताई गई है।
वहीं चंपावत, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। राज्य के शेष जिलों में गरज-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र वर्षा का दौर देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
15 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना जताई गई है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।
16 अगस्त को चंपावत, बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ आकाशीय बिजली और वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है।
17 अगस्त को देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। दोनों जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है। राज्य के अन्य जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा गरज-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र वर्षा को देखते हुए येलो अलर्ट रहेगा।
सचिव आपदा प्रबंधन ने आमजन से मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग मौसम की स्थिति की जानकारी लेते रहें और भूस्खलन एवं चट्टान गिरने की आशंका वाले संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों तथा जलधाराओं के आसपास जाने से बचें।
भारी बारिश या अचानक बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने तथा सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र को पार करने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेने को कहा गया है।
प्रशासन ने भारी बारिश के दौरान उफनती नदियों, धाराओं और नालों में तैरने अथवा नौका विहार करने से भी बचने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार प्रतिकूल मौसम के चलते भूस्खलन, सड़क अवरोध, जलभराव और नदियों-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में आमजन से सतर्कता और सावधानी बरतने की अपील की गई है।





















































