हरिद्वार/उत्तराखंड। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए उत्तराखंड वन विभाग अब आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने की तैयारी में है। वन्यजीवों को आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकने के लिए AI सेंसर ऑब्जेक्ट साउंड कैमरे लगाए जाने की योजना है।
बताया गया है कि ये AI आधारित सेंसर कैमरे अपने आसपास करीब 50 मीटर की दूरी में किसी वन्यजीव की मौजूदगी का पता लगा सकेंगे। हाथी, तेंदुआ, हिरण, नीलगाय अथवा अन्य वन्यजीव के सेंसर की रेंज में आते ही डिवाइस संबंधित वन्यजीव जैसी आवाज निकालकर उसे चेतावनी देने का प्रयास करेगा।
वन विभाग के मुताबिक, इस तकनीक का उद्देश्य वन्यजीव को नुकसान पहुंचाए बिना उसे आबादी की ओर बढ़ने से रोकना है। दावा है कि दक्षिण भारत के केरल में इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और वहां मानव आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही को कम करने में इससे मदद मिली है।
वन विभाग का मानना है कि AI आधारित तकनीक के इस्तेमाल से मानव और वन्यजीवों के बीच होने वाले संघर्ष को कम करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, अलग-अलग वन्यजीव प्रजातियों और स्थानीय परिस्थितियों में इसकी प्रभावशीलता का आकलन भी महत्वपूर्ण रहेगा।






















































