Uncategorized

डीएफओ पर लगाया भ्रस्टाचार का आरोप, पुतला फूंक कर दी चेतावनी

हरिद्वार। जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को वन विभाग कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) स्वप्निल अनिरुद्ध पर भ्रष्टाचार और वन संरक्षण में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने “DFO हटाओ, जंगल बचाओ” के नारे लगाए और डीएफओ का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता वन विभाग कार्यालय पहुंचे। उनका कहना था कि कुछ दिन पूर्व उन्होंने उत्तराखंड के मुख्य वन संरक्षक (HoFF) रंजन कुमार मिश्रा को डीएफओ के खिलाफ लिखित शिकायत सौंपी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। मौके पर वन विभाग की ओर से एसडीओ पूनम कैनोला मौजूद रहीं।

प्रदर्शनकारियों ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि क्षेत्र में तीन बाघों की मौत, अवैध खनन, वन्यजीवों के शिकार और वन संरक्षण में लापरवाही के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

कार्यकर्ताओं ने हाल ही में दो बाघ शावकों की संदिग्ध मौत का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि शावकों को कथित रूप से ज़हर देकर मारा गया और उनके पंजे काट लिए गए। उन्होंने दावा किया कि इस मामले का आरोपी करीब 15 दिनों तक जंगल में छिपा रहा और बाद में न्यायालय में आत्मसमर्पण करने के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि शावकों की मौत के बाद उनकी मां बाघिन का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। उनका कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में शावकों की मौत के बाद बाघिन आक्रामक हो जाती है, लेकिन ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

जन अधिकार पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे मुख्य वन संरक्षक (HoFF) रंजन कुमार मिश्रा का भी पुतला दहन कर आंदोलन को और तेज करेंगे।

हालांकि, इन आरोपों पर वन विभाग या संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जिस प्रकार शावकों के पंजे न मिलने, बाघिन की गुमशुदगी पर वन विभाग ने चुप्पी साधी हुई से उससे विभाग की नाकामी साफ नजर आ रही है। 

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *