उत्तराखंड हरिद्वार

प्रकृति के अनुरूप ही खेती को अपनायें, बनेंगे समृद्धशाली: आचार्य बालकृष्ण

–समृद्ध ग्राम पतंजलि में तीन दिवसीय एकीत षि क्लस्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन, नेपाल सरकार के अधिकारी भी मौजूद रहें
-पर्यावरण संरक्षण और कृष विकास एक-दूसरे के पूरक, इस प्रकार के प्रशिक्षण सीमा—पार सहयोग को करते हैं सुढर:गोविंद प्रसाद शर्मा
-सरकार और संस्थाओ के सामूहिक प्रयास से ही किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है, पतंजलि का इस ओर बड़ा योगदान: मानस मित्तल
हरिद्वार।
पतंजलि की ओर से आयोजित समृद्ध ग्राम पतंजलि प्रशिक्षण केंद्र में तीन दिवसीय एकीकृत कृषि क्लस्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन आध्यात्मिक ऊ र्जा एवं शैक्षणिक प्रभाव के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण समृद्धि के उद्देश्य से एकीकृत एवं सतत कृषि पद्धतियों को बढआवा देने के लिए आयोजित किया गया। जिसमें 15 से अधिक स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों ने आवासीय सुविधा के साथ सक्रिय सहभागिता की।
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस का शुभारंभ हवन के साथ हुआ। जो शुद्धता एवं सकारात्मक संकल्प का प्रतीक रहा। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कार्यक्रम की शोभा बढ$ाई तथा प्रतिभागियों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि एकीकृत एवं टिकाऊ  कृषि पद्धतियां ही आत्मनिर्भर गांव और समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रति के अनुरूप खेती अपनाने और कृषि को बहुआयामी स्वरूप देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त व्यावहारिक ज्ञान एवं क्षेत्रीय अनुभव के प्रति संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी (बीडीआे) बहादराबाद मानस मित्तल ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि एकीकृत कृषि मडल गांव स्तर की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ—साथ किसानों एवं एसएचजी सदस्यों की आजीविका को स्थायी रूप से मजबूत करता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सचिव पर्यावरण एवं वन मंत्रालय नेपाल सरकार गोविंद प्रसाद शर्मा ने सतत कृषि, पर्यावरण संरक्षण एवं सीमा—पार सहयोग पर अपने विचार साझा करते हुए एेसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भविष्य की आवश्यकता बताया। उनके साथ नेपाल सरकार में अवर सचिव भारत खंडेल की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय महत्व प्रदान किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आवासीय व्यवस्था के अंतर्गत सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण की प्रमुख विशेषताआें में मधुमक्खी पालन (हनी बी कीपिंग) मशरूम उत्पादन, क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर, ‘धरती का डाक्टर’ कृषि प्रशिक्षण, तथा एफएमसीजी उत्पादों की गुणवत्ता नियंत्रण (क्वालिटी कंट्रोल आफ एफएमसीजी प्रोडक्टस) जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। इन विषयों पर विशेषज्ञों की आेर से विस्तृत तकनीकी सत्र संचालित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को आय—वर्धन के नए अवसरों की जानकारी मिली। उद्घाटन सत्र एवं तकनीकी प्रशिक्षण के पश्चात कार्यक्रम का समापन प्रमाण पत्र वितरण समारोह के साथ हुआ। जिसमें सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक बार फिर पतंजलि की एकीकृत, सतत एवं किसान—केंद्रित कृषि पद्धतियों को बढ$ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो समग्र ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।

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उत्तराखंड

जमीन विवाद को लेकर ग्रामीणों में फायरिंग पांच के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज लक्सर। जमीनी विवाद को लेकर ढाढेकी व कुआंखेड$ा के ग्रामीणों के बीच हुई फायरिंग व संघर्ष के मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। कुंआखेड$ा गांव निवासी किसान ने ढाढेकी गांव के पांच लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार कुंआखेड$ा गांव निवासी मांगेराम ने पास के गांव ढाढेकी के रकबे में खेती की कुछ जमीन ले रखी है। मांगेराम ने यह जमीन ढाढेकी के एक परिवार को हिस्से पर खेती करने के लिए दी थी। हिस्सेदार ने उस पर गेहूं बो रखा था। बताया गया है कि हिस्सेदार ने पहले तो भूमि के मालिक मांगेराम को हिस्सा दिए बिना गेहूं की सारी फसल काटकर बेच दी। इसके बाद उसने जमीन पर गन्ना बोना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर मांगेराम अपने चचेरे भाई कर्ण सिंह व भतीजे विक्रांत के साथ ट्रैक्टर लेकर खेत पर चला गया। वहां दूसरे पक्ष के कई लोग पहले से मौजूद थे। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने मांगेराम और उसके साथ के लोगों पर हमला कर दिया। वह जान बचाने को ट्रैक्टर पर बैठकर भागने लगे तो हमलावर पक्ष ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। गनीमत रही कि गोली ट्रैक्टर पर सवार लोगों को नही लगी बल्कि ट्रैक्टर के टायरों में लगी। जिससे टायर फट गया। मांगेराम द्वारा सूचना दिए जाने पर कोतवाली पुलिस ने पहले घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने ढाढेकी में हमलावरों के घर दबिश दी। किंतु आरोपित पुलिस के हत्थे नही चढ$ पाए। कोतवाली के एसएसआई मनोज सिरोला ने बताया कि मामले में मांगेराम की तहरीर के आधार पर कर्णपाल, संजय पुत्र भंवर सिंह, अंकित पुत्र कर्णपाल, सचिन पुत्र कालहर, भंवर सिंह पुत्र आशाराम निवासी ढाढेकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।