हरिद्वार। ज्वालापुर स्थित हरि लोक कॉलोनी में बंद पड़े कमरों पर कथित कब्जों का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनी की कई बिल्डिंगों में किराएदारों ने बराबर में बंद पड़े कमरों पर कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, कुछ कमरों को कथित तौर पर किराए पर भी चढ़ाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी कॉलोनी की कई बिल्डिंगों की हालत लंबे समय से खराब है। न तो नियमित पुताई हो रही है और न ही भवनों का उचित मेंटेनेंस किया जा रहा है। बिल्डिंगों में उगे पेड़ अब दीवारों और संरचना के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं, जिससे कुछ इमारतें जर्जर हालत की ओर बढ़ती नजर आ रही हैं।
आरोप यह भी हैं कि कुछ लोगों द्वारा राजनीतिक पहुंच और प्रभाव का हवाला देकर कब्जे किए जा रहे हैं। वहीं, स्थानीय स्तर पर प्राधिकरण के कुछ कर्मचारियों पर भी बंद कमरों पर कब्जा कर उन्हें किराए पर देने जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
सवाल यह है कि हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की निगरानी व्यवस्था आखिर कहां है? अगर ये आरोप सही हैं तो सरकारी आवासीय परिसरों में बंद कमरों पर कब्जे और जर्जर होती इमारतों के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले की जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करता है या फिर हरि लोक कॉलोनी की समस्याएं यूं ही नजरअंदाज होती रहेंगी।






















































