बासमती समेत कई किस्में तैयार, बच्चों से बुजुर्गों तक सामूहिक सहभागिता; सीधी बुवाई तकनीक का भी प्रयोग
आगरा/ दयालबाग। दयालबाग में 70 एकड़ क्षेत्र में उगाई गई जैविक धान की फसल की कटाई शुरू हो गई है। मंगलवार को सिकंदरपुर स्थित डेढ़ गांव कैंप के पास खेतों में कटाई शुरू हुई, वहीं भंडारा ग्राउंड में धान की बालियों से दाने अलग करने का काम तेज रहा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने अलग-अलग पालियों में कटाई और झड़ाई में भाग लिया। सुबह की पाली में भाई साहबान, बहनों और सुपरह्यूमेन स्कीम के बच्चों ने खेतों में कटाई की। वहीं, भंडारा ग्राउंड में बहनों, बच्चों और बुजुर्गों ने झड़ाई का कार्य संभाला।
इस वर्ष खेतों में बासमती समेत धान की विभिन्न किस्में उगाई गई हैं। जैविक पद्धति के साथ धान की सीधी बुवाई तकनीक (डीएसआर) का भी प्रयोग किया गया है। इस तकनीक में बीज सीधे खेत में बोए जाते हैं, जिससे उचित प्रबंधन के साथ पानी और रोपाई में लगने वाले श्रम की बचत हो सकती है।
कटाई, फसल एकत्र करने और झड़ाई के कार्य में महिला-पुरुषों की सामूहिक सहभागिता से कृषि गतिविधियां व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ रही हैं।























































