हरिद्वार में आए दिन सड़क हादसों में गौवंश की मौत के मामलों के बीच एक घटना ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
मामला तब सुर्खियों में आया, जब एक गोसेवक की जीप सड़क पर बैठी तीन गायों के लिए काल बन गई। घटना को मीडिया द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब नगर निगम भी गौवंश संरक्षण को लेकर सक्रिय नजर आ रहा है।
नगर निगम आयुक्त आईएएस नंदन कुमार ने आवारा गौवंश के संरक्षण के लिए शेल्टर तैयार कराने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि नगर निगम की सराय स्थित भूमि पर करीब 800 गौवंश की क्षमता वाला शेल्टर तैयार कराया जा रहा है। इस शेल्टर में शहर की सड़कों पर आवारा घूमने वाले गौवंश को सुरक्षित रखा जाएगा।
नगर निगम आयुक्त ने कहा कि अक्सर लोग गाय से दूध निकालने के बाद उन्हें सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं। यही गौवंश सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं और कई बार इनके कारण वाहन दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गौवंश को सड़कों पर खुला छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ नगर निगम की ओर से कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
नगर निगम की इस पहल से उम्मीद है कि शहर की सड़कों पर आवारा घूमने वाले गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सकेगा और सड़क हादसों में होने वाली उनकी मौतों पर भी रोक लगाई जा सकेगी।
उल्लेखनीय है कि बीते लंबे समय से धर्म नगरी हरिद्वार ओर आसपास के हाईवे पर प्रतिदिन आधा दर्जन से अधिक गोवँशी बड़े हादसों के शिकार हो जाते है जिम या तो उनकी मौत हो जाती है या फिर हमेशा के लिए अपाहिज हो रहे है। कई पशु प्रेमियो ओर संस्थाओ द्वारा इन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया जाता है, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते सड़क हादसों के शिकार ये गोवँशी दयनीय हालत में है।