अंधविश्वास में डेढ़ घंटे तक रेत में दबा रहा युवक का शव
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से अंधविश्वास और दर्द से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। लेकिन बेटे की मौत पर भरोसा नहीं कर पा रहे परिजन गांव वालों की बातों में आ गए और उसे दोबारा जिंदा करने की उम्मीद में उसके शव को रेत में दबा दिया।
परिजनों ने युवक के सिर और हाथ-पैर के पंजों को रेत से बाहर रखा और लगातार उसके हाथ-पैर मलते रहे। गांव वालों ने उन्हें बताया था कि करंट लगने के बाद शरीर को रेत में दबाने से करंट उतर सकता है और व्यक्ति दोबारा जीवित हो सकता है।
लेकिन काफी देर तक कोशिश करने के बाद भी जब युवक के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई तो परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह पूरा मामला शाहजहांपुर के खुटार थाना क्षेत्र के पश्चिमी गढ़ी मोहल्ले का बताया जा रहा है। यहां रहने वाले करीब 45 वर्षीय डब्लू शनिवार सुबह अपने भाई कमल के मकान पर गए थे। बताया गया कि मकान के मुख्य गेट के पास बिजली का मीटर लगा हुआ था और मीटर से जुड़ा एक बिजली का तार लोहे के गेट को छू रहा था। जैसे ही डब्लू ने लोहे का गेट खोलने की कोशिश की, उन्हें जोरदार करंट लग गया और वह जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद परिजनों ने तत्काल घर की बिजली बंद की और गंभीर हालत में उन्हें पहले एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।लेकिन बेटे की मौत से टूट चुके परिजन इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर सके। शव को घर लाने के बाद गांव में किसी ने परिजनों को बताया कि करंट लगने से मृत व्यक्ति के शरीर को रेत में दबाने से करंट उतर जाता है और वह फिर से जीवित हो सकता है। उम्मीद की इसी आखिरी डोर को पकड़कर परिजन युवक के शव को घर से करीब आधा किलोमीटर दूर एक बजरी की दुकान तक लेकर गए।
यहां युवक के शव को रेत में दबा दिया गया। सिर और हाथ-पैर के कुछ हिस्से बाहर रखे गए और परिजन लगातार उसके हाथ-पैर मलते रहे।
करीब एक घंटे तक यह सिलसिला चलता रहा। लेकिन शरीर में कोई हरकत नहीं हुई।
इसके बाद परिजन युवक को रेत से निकालकर एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां भी डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञ लगातार लोगों से अपील करते हैं कि किसी भी दुर्घटना या करंट लगने की स्थिति में बिना समय गंवाए वैज्ञानिक और चिकित्सकीय सहायता ली जाए। वहीं मामले को लेकर खुटार थाना पुलिस का कहना है कि उन्हें करंट से मौत की घटना की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। पुलिस के अनुसार मामले की जानकारी जुटाने के लिए टीम भेजी जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल शाहजहांपुर की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां अपनों को खोने का दर्द और अंधविश्वास में बची हुई उम्मीद ने परिजनों को ऐसी कोशिश करने पर मजबूर कर दिया, जिससे युवक की जिंदगी वापस नहीं लौट सकी।





















































