माइनिंग चेक पोस्ट से चोरी कर जंगल की झाड़ियों में छिपाया था ट्रक, नंबर प्लेट भी हटाई
हरिद्वार। एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने माइनिंग चेक पोस्ट से चोरी किए गए करीब 35 लाख रुपये कीमत के 12 टायरा ट्रक को मुकदमा दर्ज होने के महज 48 घंटे के भीतर बरामद कर लिया। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, 24 अगस्त 2026 को कोतवाली श्यामपुर क्षेत्र स्थित माइनिंग चेक पोस्ट से 12 टायरा ट्रक चोरी हो गया था। मामले में कोतवाली श्यामपुर में मु0अ0सं0 104/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने जांच शुरू की। इसी दौरान 31 अगस्त 2026 को दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने ट्रक चोरी करने की बात स्वीकार की और बताया कि चोरी किए गए ट्रक को गैंडीखाता क्षेत्र में जंगल गुर्जर बस्ती की ओर जाने वाले रास्ते के पास झाड़ियों में छिपाकर रखा गया है।
इसके बाद उपनिरीक्षक गगन मैठाणी के नेतृत्व में पुलिस टीम दोनों आरोपियों को साथ लेकर बताए गए स्थान पर पहुंची। आरोपियों की निशानदेही पर जंगल में झाड़ियों के बीच से लाल रंग का ओपन बॉडी 12 टायरा ट्रक बरामद कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने ट्रक की पहचान छिपाने के लिए उसकी नंबर प्लेट भी हटा दी थी। बरामदगी के दौरान ट्रक के चेसिस और इंजन नंबर का सत्यापन किया गया, जो चोरी हुए ट्रक से संबंधित पाया गया।
पुलिस के मुताबिक, बरामदगी की पूरी कार्रवाई BNSS की धारा 105 के प्रावधानों के तहत ई-साक्ष्य एप के माध्यम से वीडियोग्राफी कराते हुए की गई। वाहन बरामद होने के बाद मुकदमे में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए धारा 317(2), 3(5) और 61(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
शहजाद परवेज, पुत्र अमीनुद्दीन, निवासी मोहल्ला मुगलुशाह, थाना नजीबाबाद, जनपद बिजनौर। हबीब खां, पुत्र प्यारे खां, निवासी मोहल्ला किला, थाना नजीबाबाद, जनपद बिजनौर, लाल रंग का 12 टायरा ओपन बॉडी ट्रक, अनुमानित कीमत करीब ₹35 लाख बताई जा रही है। थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, उपनिरीक्षक मनोज रावत, उपनिरीक्षक गगन मैठाणी, उपनिरीक्षक देवेन्द्र तोमर, अपर उपनिरीक्षक रविन्द्र गौड़, हेड कांस्टेबल शेर सिंह, कांस्टेबल राहुल देव, संदीप रावत, मनमोहन सैनी, विनीत कुमार तथा कांस्टेबल वसीम (एसओजी हरिद्वार) शामिल रहे।
हरिद्वार पुलिस का कहना है कि अपराधियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ अपराध से संबंधित संपत्ति की त्वरित बरामदगी कर पीड़ित को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है।






















































