– पांच नए पुलों की गुणवत्ता जांच करेगा IIT रुड़की
– मेलाधिकारी सोनिका ने की समीक्षा बैठक, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के दिए निर्देश, अतिक्रमण नहीं हटाने पर भुगतान रोकने की चेतावनी।
हरिद्वार। कांवड़ मेला-2026 के समापन के साथ ही कुंभ मेला-2027 की अवस्थापना विकास परियोजनाओं में तेजी लाई जाएगी। मेला प्रशासन ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि कांवड़ मेला समाप्त होते ही सभी निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाएं पूरी हो सकें।
बुधवार को मेलाधिकारी सोनिका ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय पर पूरे किए जाएं और प्रत्येक प्रमुख परियोजना की नियमित थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच भी कराई जाए।
IIT रुड़की करेगा पांच नए पुलों की गुणवत्ता जांच
श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए कुंभ क्षेत्र में पांच नए पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। मेलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग को समयबद्ध निर्माण के निर्देश दिए। साथ ही इन पुलों की गुणवत्ता का परीक्षण IIT रुड़की से कराने के निर्देश दिए गए हैं। तकनीकी सेल को स्टील स्ट्रक्चर निर्माण का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखने को भी कहा गया।
सड़कों, पार्किंग, घाट और सौंदर्यीकरण पर रहेगा फोकस
बैठक में बस अड्डों, पार्किंग स्थलों, प्रमुख चौराहों के सुधार, फुटपाथ, पैदल मार्ग, फसाड लाइटिंग और शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़ी परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए। वर्षाकाल समाप्त होते ही कुंभ शिविरों के लिए चिन्हित भूमि की सफाई और समतलीकरण कार्य भी शुरू कराया जाएगा।
अतिक्रमण नहीं हटाया तो रुकेगा भुगतान
मेलाधिकारी ने कुंभ मेला मद से स्वीकृत सड़कों, पुलों और घाटों के किनारे व्यापक पौधारोपण कराने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निर्माण स्थलों से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो संबंधित कार्यदायी संस्था का भुगतान रोक दिया जाएगा।
जलभराव की समस्या पर भी सख्त निर्देश
बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई। मेलाधिकारी ने संबंधित विभागों को प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित कर जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, वित्त नियंत्रक लखेन्द्र गौंथियाल, तकनीकी सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।




















































