हरिद्वार। जागृति वूमेन्स कॉन्फ्रेंस, हरिद्वार सोसायटी की ओर से ऑल इंडिया वूमेन्स कॉन्फ्रेंस (AIWC), नई दिल्ली के शताब्दी कार्यक्रम के अंतर्गत Health Series–10 का आयोजन महिला महाविद्यालय पीजी कॉलेज, सती कुंड, कनखल में किया गया। कार्यक्रम का विषय “आयुर्वेद और मधुमेह पोषण: पारंपरिक ज्ञान एवं आधुनिक विज्ञान का समन्वय” रहा।
कार्यक्रम में एमडी डॉ. अलका सिंघल ने रिसोर्स पर्सन के रूप में छात्राओं एवं स्टाफ सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय पर प्रकाश डालते हुए मधुमेह की रोकथाम एवं प्रबंधन में संतुलित आहार, उचित पोषण और स्वस्थ जीवनशैली की भूमिका के बारे में जानकारी दी।
डॉ. सिंघल ने कहा कि मधुमेह जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए समय रहते जागरूक होना जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का संतुलित समन्वय मधुमेह की रोकथाम एवं बेहतर प्रबंधन में उपयोगी साबित हो सकता है।
कार्यक्रम में महिला महाविद्यालय पीजी कॉलेज की निदेशक डॉ. अल्पना शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। जागृति वूमेन्स कॉन्फ्रेंस की ओर से संरक्षक मंजुला भगत, संरक्षक अलका शर्मा, संरक्षक नीरू जैन, सलाहकार डॉ. ज्योत्सना मेहरोत्रा, सचिव डॉ. करुणा शर्मा तथा यूथ विंग की एमआईसी श्रीमती शैलजा देशवाल मौजूद रहीं।
इस दौरान पदाधिकारियों ने छात्राओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में 93 छात्राओं एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य युवा वर्ग में स्वास्थ्य, पोषण और मधुमेह के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।























































