दधीचि देहदान समिति के सदस्यों की मौजूदगी में मानव सेवा के लिए उठाया अनुकरणीय कदम
हरिद्वार,। मानवता की सेवा और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की मिसाल पेश करते हुए 86 वर्षीय नवल किशोर गुप्ता ने नेत्रदान एवं देहदान का संकल्प लिया। उन्होंने अपने निवास पर दधीचि देहदान समिति के दो सदस्यों की मौजूदगी में यह संकल्प लिया।
इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नीसुधा गुप्ता, सुपुत्री डॉ. वंदना गुप्ता तथा यूके से आई उनकी दूसरी सुपुत्री भी मौजूद रहीं। परिवार की आत्मीय उपस्थिति के बीच श्री गुप्ता ने मानवता की सेवा के लिए अपने जीवन का यह महत्वपूर्ण संकल्प लिया।
श्री नवल किशोर गुप्ता लखनऊ पीडब्ल्यूडी विभाग से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में अपनी धर्मपत्नी के साथ हरिद्वार में रह रहे हैं। उनकी तीन सुपुत्रियां हैं।
दधीचि देहदान समिति के अनुसार, जीवन के इस पड़ाव पर नेत्रदान और देहदान का संकल्प समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश है। इससे जहां नेत्रदान के माध्यम से जरूरतमंद व्यक्ति को दृष्टि का उपहार मिल सकता है, वहीं देहदान चिकित्सा शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
समिति ने श्री गुप्ता के इस संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि उनका सरल, सहज और सेवाभावी व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को मानव सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा देता है।
दधीचि देहदान समिति (रजि.), हरिद्वार ने नवल किशोर गुप्ता के संकल्प को नमन करते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की और उनके परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
यदि आप भी समाज हित मे ये अनुकरणीय कार्य करना चाहते है तो नीचे दिए नंबरो पर सम्पर्क कर सकते है..
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