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ED कार्रवाई पर बोले हरीश रावत “बदले की भावना से देश कैसे चलेगा”

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विभिन्न शहीद स्मारकों पर पहुंचकर देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। गांधी पार्क स्थित कारगिल युद्ध के शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए रावत ने कहा कि शहीदों का त्याग और बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि देश, लोकतंत्र और संविधान के प्रति नागरिकों का कर्तव्य सर्वोपरि है।

इसके बाद हरीश रावत नींबूवाला स्थित शहीद दल बहादुर थापा की प्रतिमा तथा दुर्गा मल्ल पार्क पहुंचे। यहां गोरखा समाज ने उनका स्वागत किया। रावत ने शहीद दुर्गा मल्ल और भारतीय सेना के वीर सैनिकों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि गोरखा समाज और भारतीय सेना का देश की सुरक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में गौरवशाली योगदान रहा है।

रावत चीड़ बाग स्थित शहीद स्मारक भी पहुंचे और सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के अंतिम चरण में उन्होंने पूर्व सीडीएस स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

ED कार्यालय से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकारें बदले की भावना से काम करेंगी तो देश कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी चिंता नहीं, बल्कि देश और समाज की चिंता है। रावत ने आरोप लगाया कि उन्हें ED ने नहीं बल्कि सत्ता, अहंकार और चुनावी चिंताओं ने बुलाया है। उन्होंने कहा कि वे इन चिंताओं का समाधान करेंगे।

रावत ने तंज कसते हुए कहा, “थैंक्स ED, थैंक्स BJP, कि उन्होंने मुझको यहां बुला लिया।”उन्होंने कहा कि आज ED कार्यालय में उनकी कई महत्वपूर्ण बातें हुईं और उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी।

इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहीदों का बलिदान किसी भी राजनीतिक परिस्थिति से बड़ा है और उनके त्याग से देश, लोकतंत्र तथा संविधान के प्रति जिम्मेदारियों की प्रेरणा मिलती है।

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