आरोप: मेडिकल के छात्रों को मेस का खाना निम्न स्तर का दिया जा रहा।
पीने का साफ पानी भी बड़ी समस्या
सफाई व्यवस्था में लापरवाही
हरिद्वार।
अपनी मूलभूत आवश्यकताओं/ सुविधाओ को लेकर
राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार के छात्र छात्राये दूसरे दिन भी कक्षाओं के बहिष्कार कर हड़ताल पर रहे।
प्रशासनिक भवन के सामने बैठे छात्र- छात्राओं ने अपनी मांगों को लेकर इन ज्ञापन कॉलेज प्रबंधन को सौंपा है। छात्रों का आरोप है कि दो दिन बीत चुके है कालेज की ओर से उनसे कोई बात नही की गई है। बताया कि विगत कई महीनों से शैक्षणिक और आवासीय व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
प्रैक्टिकल लैब में आवश्यक उपकरण पिछले 5 महीनों से उपलब्ध नहीं हैं।
– लेक्चर थिएटर में चॉक-डस्टर जैसी बुनियादी चीजों का अभाव।
– प्रोजेक्टर पिछले 5 महीनों से खराब पड़ा हुआ है।
– लेक्चर थिएटर के पास पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं।
– छात्रावास एवं मेस संबंधी गंभीर शिकायतें
– मेस का भोजन अत्यंत निम्न गुणवत्ता का, अधिक तेलयुक्त, अस्वच्छ और रोज़ एक ही प्रकार का (ज्यादातर आलू) परोसा जा रहा है।
– छात्रावास में प्रतिदिन सफाई नहीं हो रही, जेट स्प्रे की कमी, पीने के पानी की समस्या, कई यूरिनल/शौचालयों में फ्लश खराब, भूतल शौचालयों में शीशे नहीं लगे, गर्म पानी की कोई व्यवस्था नहीं।
– सीनियर गर्ल्स हॉस्टल में पीने के पानी का नल तक नहीं है।
– मेस परिसर में भी स्वच्छता का पूर्ण अभाव।
-छात्राओं एवं अन्य प्रतिबंध
– छात्राओं की आउटिंग पिछले 5 महीनों से पूरी तरह बंद है और इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया।
– हॉस्टल टाइमिंग में असंगति (ऑर्डर समय 10 बजे तक, प्रवेश 9 बजे तक)।
– आवश्यक वस्तुओं (ब्लिंकिट आदि) के लिए ऑनलाइन ऑर्डर की अनुमति नहीं, जबकि गार्ड हर पैकेट चेक करते हैं और कॉलेज परिसर में बाजार सुविधा भी न के बराबर है। (ध्यान देने वाली बात: शिक्षकों को यह अनुमति है, छात्रों को नहीं)।
– अन्य मुद्दे
– सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का पूर्ण अभाव – खेल मैदान, उपकरण उपलब्ध नहीं।
– त्योहारों का कोई आयोजन नहीं हो रहा।
– कुछ गार्ड्स द्वारा छात्रों के साथ दुर्व्यवहार, बिना अनुमति कमरों में प्रवेश और फोटो खींचने की शिकायतें।
कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक इस ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और जल्द से जल्द सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।
वही जब कॉलेज के प्रधानाचार्य से बात करने का प्रयास किया गया तो वह छुट्टी पर थे। उनसे फोन पर भी संपर्क नही हुआ।














































