उत्तराखंड हरिद्वार

अभियान के दौरान पीले पंजे ने तोड़ी कईयो की उम्मीद

हरिद्वार नगर निगम का सख्त एक्शन: अतिक्रमण हटाने में लापरवाही पर सुपरवाइजर सस्पेंड

हरिद्वार।

नगर निगम हरिद्वार का अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार चौथे दिन भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहा। शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को नगर निगम की टीम ने दीनदयाल पार्किंग क्षेत्र में विशेष ड्राइव चलाते हुए 10 से अधिक अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त कर दिया, साथ ही 8 अवैध ठेलियों को जब्त कर लिया।

अभियान के दौरान क्षेत्र से लगातार आ रही अतिक्रमण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त आईएएस नंदन कुमार ने संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजर पर कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई कर दी।

नगर आयुक्त नंदन कुमार ने साफ कहा, “सफाई और अतिक्रमण हटाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में कहीं भी शिथिलता पाई गई तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

अभियान के दौरान उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई निरीक्षक संजय शर्मा, अतिक्रमण सहायक आदित्य तेश्वर सहित नगर निगम की पूरी टीम मौके पर मौजूद रही।

नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन का साफ संदेश है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अभियान बिना किसी रुकावट के आगे भी जारी रहेगा।

 

नगर निगम द्वारा बीते चार दिनों से अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। निगम का पीला पंजा लगातार अतिक्रमणकारियों को निशाना बना रहा है। ये पीला पंजा अपने रास्ते मे आने वाले हर प्रकार के अतिक्रमण को ध्वस्त करने में सक्षम है, ये उन ठेलियों को भी बड़े आराम से तोड़ रहा है जो अतिक्रमणकारीयो के परिवार का भरण पोषण कर रही थी। वो गरीब जिसने कई साल सड़क पर फड़ लगाकर धूप, बारिश, सर्दी और हवा के तेज थपेड़ो का सामना कर अपने बच्चो की जरूरतों को कम कर एक एक पाई जोड़कर पुराना ठेली खरीदी होगी और उम्मीद के साथ अपने रोजगार को बढ़ाया होगा। ये नगर निगम के लिए एक अतिक्रमण अभियान के दौरान की गई कारवाही है, अखबार के लिए समाचार है, लेकिन जिसके परिवार की आय का एक मात्र सहारा उसकी ठेली उसकी  नज़रो के सामने ध्वस्त कर दी गयी, जिसकी सारी उम्मीद पीले पंजे ने मिट्टी में मिला दी उसके सामने क्या रास्ता है। माना कि वो हरिद्वार का उत्तराखंड का नागरिक न हो पर भारत देश का तो नागरिक होगा रोजगार करने के लिए धर्मनगरी में आया होगा। जप्त करने की कार्यवाही ही काफी होती जुर्माना लिया जा सकता था। 

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