उत्तराखंड हरिद्वार

पलायन रोकने को नया प्लान, बॉलीवुड का फंडा उत्तराखंड में अपना रहा कलाकार

हरिद्वार।
फिल्मों, थिएटर एवं टेलीविजन के मशहूर एक्टर हेमंत पांडे ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि उत्तराखंड में फिल्म निर्माण पलायन रोकने का माध्यम बन सकता है। उत्तराखंड से पलायन रोकने के उद्देश्य से गढ$वाली एवं कुमाऊ नी दो फिल्मों का निर्माण शुरू किया जा रहा है। उत्तराखंड के ग्रामीण परिवेश को फिल्मों के माध्यम से दिखाया जाएगा। अगले महीने से शुरू की जा रही फिल्मों की पूरी शूटिंग उत्तराखंड में ही की जाएगी। फिल्मों के निर्माण का उद्देश्य युवाआें को रोजगार प्रदान करना है। राज्य के कलाकारों को ही फिल्मों में मौका दिया जाएगा। हेमंत पांडे ने बताया कि कुमांउनी और गढ$वाली भाषा में फिल्म आे इजा बाघ सरकारी विद्यालय में बाघ आने को लेकर है। गढ$वाली भाषा में फिल्म को एे बोई बाघ नाम दिया गया है। गांव की सच्ची कहानी पर बनायी जा रही फिल्म में लखपत सिंह की मुख्य भूमिका है। हेमंत पांडे ने कहा कि उत्तराखंड की नैसर्गिक सुंदरता फिल्मों की शूटिंग के लिए आदर्श स्थल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में फिल्म निर्माण को बढ$ावा देने का काम कर रहे हैं राज्य की नर्संगिक सुंदरता फिल्म जगत को खींच लाती है। सरकार फिल्म निर्माण कर्ताआें को सब्सिडी भी मुहैया कर रही है, राज्य में सर्वाधिक फिल्मों के निर्माण किए जा रहे हैं। फिल्मों की शूटिंग होने सेे स्थानीय कलाकारों का हौसला बढ$ेगा और रोजगार भी मिल सकेगा। पांडे ने कहा कि वह स्वयं पिथौरागढ$ के रहने वाले हैं। राज्य में पलायन की समस्या से अवगत हैं। पलायन रोकने के लिए सभी को मिलजुल कर प्रयास करने होंगे। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री दीपक मिश्रा एवं पत्रकार अवनीश प्रेमी ने प्रेस क्लब सभागार में हेमंत पांडे का स्वागत किया। गौरतलब है हेमंत पांडे मुझे कुछ कहना है, रहना है तेरे दिल में, आप मुझे अच्छे लगने लगे, बधाई हो बधाई हो, फरेब, रेडी, यारियां, दिल तो दीवाना  है आदि फिल्मों एवं टीवी सीरियल आफिस आफिस, ताकझांक, क्या बात है, हेराफेरी, तमन्ना हाउस, नीर भरे तेरे नैना देवी, शंकर जयकिशन आदि में अभिनय कर चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड अस्तित्व में आने से पूर्व से पलायन की समस्या लगातार बनी हुई है। पलायन रोकने के परपस से ही उत्तराखंड प्रदेश अस्तित्व में आया था। 24 साल बाद भी पलायन की समस्या जो कि त्यो प्रदेश में कायम है। भले ही सरकारें आई चली गई। सबका एक ही नारा पलायन रोकने का था। बावजूद इसके आज तक सैकड़ो ऐसी योजनाएं सरकारों द्वारा और विभिन्न संस्थाओं द्वारा अपनाई गई जिससे पलायन को रोका जा सके। पलायन रोकने को लेकर सैकड़ो करोड रुपए भी इस नाम पर खर्च कर दिए गए कहे तो हजम कर दिए गए। बावजूद इसके पलायन लगातार जारी है। आप देखना होगा फिल्मों से कैसे पलायन को रोका जाएगा। यह नई युक्ति गले नहीं उतर रही फिर भी अब बॉलीवुड मुंबई से लौटा कलाकार इस आईडिया को लेकर फिल्में बनाने के लिए प्रदेश में तैयार है। भले ही इन फिल्मों से पलायन न रुके पर फ़िल्म प्रमोशन की तैयारी आज की प्रेस वार्ता से ही शुरू हो चुकी है।

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