हरिद्वार।
अवैध निर्माण में दोषी कौन
बिना noc के कैसे मिला पानी का कनेक्शन
बिना noc के कैसे मिला सीवर का कनेक्शन
बिना noc के कैसे मिला बिजली का कनेक्शन
न पार्किग है न सेटबैक कैसे हुआ मानचित्र स्वीकृत, क्यों नही की hrda ने कारवाही आखिर किसके इशारे पर हुआ वर्षो से सील भवन में होटल का निर्माण..
उत्तराखंड बनने के बाद भी उत्तर प्रदेश सिचाई विभाग की लाखों हेक्टेयर भूमि उत्तराखंड में मौजूद है, उन सम्पतियों का बटवारा न होने का लाभ उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बखूबी उठा रहे है। गंगा किनारे जितनी भी उत्तरप्रदेश सिचाई विभाग की भूमि पड़ी है उन पर अवैध कब्जे करवाकर #ngt के आदेशों की अवलेहना खुले आम की जा रही है। धर्म नगरी हरिद्वार की ही बात करे तो हरिपुर कला से लेकर लक्सर तक विभिन्न स्थानों पर गंगा किनारे अवैध कब्जे करवाकर पक्के निर्माण कराये जा चुके है। कनखल क्षेत्र में ही श्रीयन्त्र मंदिर के सामने गंगा किनारे दर्जनों दुकाने अवैध रूप से बना कर बेची जा चुकी है, वही इन्द्रबस्ती में जल संस्थान के कार्यालय से ठीक पहले गंगा किनारे उत्तराखंड बनने से पूर्व एक अवैध निर्माण को सील किया गया था। करीब 20 वर्षो से बंद इस निर्माण को दो वर्ष पहले मिली भगत कर भव्य होटल का निर्माण करा दिया गया है, जिससे साफ जाहिर है कि सिचाई विभाग उत्तर प्रदेश की संपत्ति की निगरानी के लिए जो भी अधिकारी कर्मचारी हरिद्वार में तैनात किए गए है वो इन बेश कीमती भूमि को माफियाओ के कब्जे करा कर मलाई चाटने का कार्य कर रहे है। इस संबंध में जब सिचाई विभाग उत्तर प्रदेश के स्थानीय अधिकारी से कई बार बात करने की कोशिस की गई, लेकिन वो इन लावारिस संपत्तियों को कब्जा करने में इतने तल्लीन है कि बात ही नही करते। आस्चर्य की बात तो ये है कि बीते कुछ वर्षों से धडल्ले से चल रहे इस भव्य होटल का मानचित्र भी पास नही है जो हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर भी बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाता है, इतना ही नही बिना प्राधिकरण ओर नगर निगम की अनुमति के पीने के पानी का कनेक्शन, सीवर लाइन का कनेक्शन ओर कैसे विद्युत विभाग ने होटल के बाहर ही होटल के लिए अलग से ट्रांसफार्मर लगाकर कनेक्शन दे दिया ?
वही जब इस संबंध में जब हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आया है इसकी जांच की जायेगी।















































