हरिद्वार।
बांग्लादेश में हिन्दू अल्पसंख्यकों पर हो रही हत्याओ, साम्प्रदायिक हिंसा, महिलाओ के विरुद्ध यौन अपराध, मंदिरों के विध्वंस और जबरन विस्थापन के गंभीर मामलों को लेकर हरिद्वार जिला न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डा. एके श्रीवास्तव ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस को एक पत्र भेजकर अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है।
डा. श्रीवास्तव ने अपने पत्र में कहा है कि बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय को उनकी धार्मिक पहचान के कारण सुनियोजित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। भीड द्वारा हमले, मंदिरों का अपमान, महिलाओ व नाबालिगों के साथ यौन हिंसा तथा भय के कारण परिवारों का पलायन मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि बांग्लादेश मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (यूडीएचआर) और अंतरराष्ट्रीय नागरिक एवं राजनीतिक अधिकार संधि (आईसीसीपीआर) का हस्ताक्षरकर्ता होने के बावजूद इन अधिकारों की रक्षा करने में विफल रहा है। यह स्थिति जीवन के अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। डा. श्रीवास्तव ने संयुक्त राष्ट्र से मांग की है कि बांग्लादेश में हिन्दुओ के खिलाफ हुए अपराधों की जांच हेतु स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय तथ्य—जांच मिशन भेजा जाए, मामले को यूएन मानवाधिकार परिषद के समक्ष उठाया जाए, तथा बांग्लादेश सरकार पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए दबाव बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो स्थिति और भयावह हो सकती है। पीडित हिन्दू समुदाय संयुक्त राष्ट्र को अपनी अंतिम आशा के रूप में देख रहा है।















































