हरिद्वार।
लेखपाल संघ के महा सचिव ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बताया की तहसील लक्सर में राजस्व कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के बीच तनावपूर्ण घटना के बाद स्थिति बिगड़ती जा रही है। उत्तराखण्ड लेखपाल संघ ने एक राजस्व उपनिरीक्षक के साथ हुई कथित मारपीट और गाली-गलौज के विरोध में कड़ा रुख अपनाया है।
तहसील लक्सर में कार्यरत राजस्व उपनिरीक्षक रीशुराज राणा के साथ कुछ अधिवक्ताओं और अन्य व्यक्तियों द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज एवं मारपीट की गई। यह विवाद मुख्य रूप से प्रमाण पत्रों पर रिपोर्ट लगाने या राजस्व संबंधी कार्यों को लेकर उत्पन्न हुआ प्रतीत होता है। राजस्व कर्मचारियों ने इस घटना को व्यवस्था भंग करने वाला बताया, जिसमें धरना स्थल पर बिछाई दरी, लाउडस्पीकर आदि को तोड़ा-फेंका गया और धक्का-मुक्की की गई। इससे कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना फैल गई है।उत्तराखण्ड लेखपाल संघ उपशाखा तहसील लक्सर ने घटना के विरोध में सांकेतिक धरना प्रदर्शन शुरू किया। संघ के पत्र (संख्या 11/उ०ले० संघ/2026 दिनांक 21.02.2026) के आधार पर जिलाधिकारी हरिद्वार को अवगत कराया गया। धरना तोड़ने के प्रयास में अधिवक्ताओं और अन्य लोगों द्वारा हस्तक्षेप का आरोप लगा।
उत्तराखण्ड लेखपाल संघ जनपद हरिद्वार की कार्यकारिणी ने अन्य तहसीलों (भगवानपुर, रूडकी, हरिद्वार) के राजस्व कर्मचारियों को लक्सर के धरने में शामिल होने का आह्वान किया। संघ ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि 22 फरवरी 2026 तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 23 फरवरी 2026 से जनपद भर के सभी राजस्व उपनिरीक्षक/राजस्व निरीक्षक अपने शासकीय कार्यों से पूरी तरह विरत (अनिश्चितकालीन हड़ताल) रहेंगे। इससे राजस्व कार्य जैसे दाखिल-खारिज, प्रमाण पत्र जारी करना, भूमि रिकॉर्ड आदि ठप हो सकते हैं।
यह घटना स्थानीय स्तर पर प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है, क्योंकि दोनों पक्षों (राजस्व कर्मचारी और अधिवक्ता) के बीच तनाव बढ़ रहा है। फिलहाल जिलाधिकारी हरिद्वार से इस मामले में त्वरित जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और आंदोलन न फैले।















































