उत्तराखंड हरिद्वार

मैट्रो हॉस्पिटल में कैशलेस इलाज के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी

-पूर्व यूनिट हैड समेत तीन कर्मचारियों ने किया चालीस लाख का गबन
-अस्पताल के अधिकृत अधिकारी ने पुलिस में दर्ज कराया मुकदमा
हरिद्वार।
मैट्रो हास्पिटल में कैशलेस इलाज के नाम पर फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल कर लाखों रुपए का घपला किया व लाखों रुपए कीमत का सामान बेचा गया। अस्पताल के अधिकृत को जानकारी लगने पर धोखाधड़ी करने वाले पूर्व यूनिट हैड समेत तीन कर्मचारियों के विरुद्ध तहरीर देकर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। आयुष्मान में मिलने वाले सरकारी धन को गलत तरीके से लिया गया है। अस्पताल में करीब चालीस लाख रुपए का गबन किया गया है।
सिडकुल थाना प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी ने बताया कि जगदम्बा प्रसाद जुयाल मैट्रो हॉस्पिटल कंसलटेंट एडमिनिस्ट्रेटर ने तहरीर देकर अस्पताल में आने वाले मरीजों को कैशलेस इलाज का नाम पर अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने लाखों की धोखाधड़ी की है। तहरीर में जानकारी दी कि मैट्रो हस्पिटल में विकास सेठ पुत्र दीपक सेठ मूल निवासी  द्वितीय फ्लोर, कुचा लातू शाह, दरिबा कला, चांदनी चौक, दिल्ली, 17 दिसम्बर 2021 से 11 जून 2025 तक बतौर यूनिट हैड के पद पर तैनात थे। हॉस्पिटल के समस्त लेखा जोखा, ऑपरेशन मैनेजमेंट तथा अन्य कार्यवाहियों के लिये पूर्णरूप से अधिकृत एवं जिम्मेदार थे।
8 जून 2२५ को अस्पताल में जांच के दौरान विकास सेठ के कार्यकाल में विकास सेठ एवं उनके साथी रवि चौधरी (एडमिन प्रशासन) पुत्र सुरेश ङ्क्षसह निवासी महेश्वरी जट, हकीकतपुर प्रयाग, लालपुर जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) तथा श्याम पाल पुत्र ओमप्रकाश निवासी श्याम डेयरी हाजरा 4 शहर का नाका, शर्मा फार्म रोड, प्रसाद नगर गिर्द, ग्वालियर सिटी जिला ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। तीनो ने आपस में मिलकर बायो मैडिकल विभाग के लाखो रुपये के कीमती सामान गायब किये गये तथा कैशलेस ईलाज कराने आये मरीजो से कैश भुगतान प्राप्त कर गबन करने की बात पता चली। इन लोगो ने आपस में साजिश कर आयुष्मान कार्डो का दुरूपयोग कर बेईमानी से लाखों  का गबन किया है। अस्पताल के बायो मैडिकल इंजीनियर रिहाना खातून ने जानकारी दी कि विकास सेठ ने समय—समय पर रिहाना खातून की अनुपस्थिति में अस्पताल के बायो मेडिकल डिपार्टमेन्ट के लाखों रुपये के कीमती सामान गायब करा दिये गये है। विकास सेठ ने आयुष्मान पेनल के अन्तर्गत कैशलेस ईलाज कराने आये मरीजों से फर्जी दस्तावेज के आधार पर तथा झूठे आश्वासन देकर धोखाधड़ी ना कर लाखों रुपये कैश में प्राप्त कर गबन किया गया है। मरीज सुमाईला के परिजन माजिद तथा मरीज अशोक कुमार ने शपथपत्र के माध्यम से शिकायत की गई है, जिसमें मरीजो से कैश प्राप्त किया है जिसका अस्पताल में कैश का कोई दस्तावेज नहीं है। अस्पताल के दस्तावेजो के आधार पर दोनो मरीज आयुष्मान पैनल के अन्तर्गत कैशलेस उपचार के लिये भर्ती हुये थे। जिनका कैशलेस भुगतान किया गया है तथा किसी भी तरह का कैश अस्पताल के रिकार्ड में जमा नहीं किया गया है। अस्पताल के बिङ्क्षलग विभाग में कार्यरत कर्मचारी अनमोल ङ्क्षसह से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि पूर्व में भी कई मरीजो ने इस तरह की शिकायत की जिस पर विकास सेठ से बात करने पर वह कह देते थे कि वो मरीज से डायरेक्ट बात कर लेगें। विकास सेठ तथा उनके साथियो रवि चौधरी तथा श्याम पाल ने आपस में मिलकर अपने पद का दुरूपयोग करते हुये बायो मेडिकल विभाग के कीमती सामान गबन किये गये तथा फर्जी दस्तावेजो के आधार पर मरीजो से लाखो रूपये की कैश प्राप्त कर अमानत में खयानत व धोखाधड़ी की है। कर्मचारियों को डराया धमकाया वं साक्ष्यो से छेड$छाड$ करने की कोशिश की गई है।अस्पताल के साथ धांधली कर लगभग चालीस लाख का गबन किया गया है। तहरीर के आधार पर तीन कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

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