–बेरोजगार संघ ने पेपर लीक होने को लेकर किया हंगामा
हरिद्वार।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की रविवार को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आने से उत्तराखंड में एक बार फिर हंगामा मच गया है। हरिद्वार में औरंगाबाद से भी पेपर लीक होने की खबर है। पुलिस में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है मामले की जांच की जा रही है। आयोग अध्यक्ष ने किसी सेंटर से पेपर लीक होने की बात की पुष्टि की है।
बेरोजगार संघ के पदाधिकारी ने आरोप लगाया कि परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद ही उनके पास प्रश्नपत्र के अंश पहुँच गए थे। संघ के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता कर पेपर के कुछ हिस्से सबूत के तौर पर दिखाए। उनका कहना है कि यह अंश सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर ही मोबाइल पर प्राप्त हो गए, जबकि परीक्षा 11 बजे शुरू होकर दोपहर 1 बजे तक चली। आरोप है कि हरिद्वार जिले के एक परीक्षा केंद्र से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के दौरान कुछ दस्तावेज बाहर भेजे गए। बी—सीरीज की बुकलेट से कुछ प्रश्नों की फोटो खींचकर व्हाट्सएप के जरिए बाहर भेजे जाने की बात भी सामने आ रही है। बेरोजगार संघ ने यह भी सवाल उठाया कि जब कथित नकल माफिया हाकम सिंह पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। तब भी परीक्षा में इस तरह की गड$बड$ी कैसे संभव हुई। उनका दावा है कि नकल माफिया का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है और यह परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सीधा सवाल । इस घटना ने आयोग की परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का पेपर आउट होने की चर्चाओं ने तूल पकड$ लिया है। हरिद्वार जनपद में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से कराई जाने वाली परीक्षा के 6४ केंद्र बनाए गए थे। जनपद के औरंगाबाद सेंटर से पेपर लीक होने की चर्चा जोरों पर है। सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने के आरोप में पुलिस ने उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी कुमार पंवार को हिरासत में लिया है।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा आयोग के चेयरमैन जीएस मर्तोलिया का कहना है कि तीन पेपर लीक हुए हैं जो किसी सेंटर से किए गए हैं। इसलिए पेपर लीक नही माना जाएगा। जिस सेंटर से पेपर लीक होने की पुष्टि होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सिडकुल थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि औरंगाबाद सेंटर से पेपर लीक मामले की जांच की जा रही है। सोशल मीडिया में जिस पोस्ट को औरंगाबाद का बताया जा रहा है यह जांच का विषय है। इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। पेपर लीक मामले में एसटीएफ की आेर से पहले ही देहरादून में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले की जांच एसटीएफ कर रही है।

















































