पेपर लीक के मुख्य आरोपी खालिद के पिता के विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज
21 सितंबर 2025 को उत्तराखंड में आयोजित UKSSSC (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आया है। परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद ही (लगभग 11:30 बजे) प्रश्न पत्र के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। यह घटना हरिद्वार के बहादरपुर जट स्थित आदर्श बाल सदन परीक्षा केंद्र से जुड़ी है, जहां मुख्य आरोपी खालिद (खालिद मोहम्मद या खालिद मलिक) ने कथित तौर पर पेपर की फोटो ली और व्हाट्सएप के जरिए अपनी बहन हीना मलिक को भेजी। हीना को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि खालिद फरार है। पुलिस ने उसकी तलाश में लक्सर क्षेत्र में छापेमारी तेज कर दी है।
मुख्य आरोप खालिद सुल्तानपुर, कोतवाली लक्सर, हरिद्वार का निवासी है। वह खुद एक अभ्यर्थी है और परीक्षा हॉल से टिहरी की एक महिला प्रोफेसर सुमन को भी स्क्रीनशॉट भेजने का आरोप है। जांच में पता चला कि खालिद ने कई आवेदन फॉर्म भरे थे, जिनमें एक ही फोटो लेकिन अलग-अलग हस्ताक्षर थे। खालिद के खिलाफ देहरादून की कोतवाली रायपुर में मुकदमा संख्या 301/25 दर्ज है, जिसमें धारा 11(1)(2)/12(2) भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम के तहत कार्रवाई हो रही है। इसके अलावा, उसके घर पर अवैध बिजली कनेक्शन पाए जाने पर उसके पिता के खिलाफ विधुत अधिनियम की धारा 135 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। हरिद्वार पुलिस, राजस्व विभाग, बिजली विभाग और नगर पंचायत की टीम ने संयुक्त छापेमारी की, लेकिन खालिद अभी भी फरार है। उसके रिश्तेदारों की अभिलेखीय जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि यह एक अलग-थलग घटना लगती है और किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता अभी तक नहीं मिली है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पेपर 12-15 लाख रुपये में बिका हो सकता है, लेकिन यह पटवारी पद से जुड़े पुराने मामले से भ्रमित लगता है।
उल्लेखनीय है कि बेरोजगार संघ के कार्यकर्ताओं ने देहरादून में सड़कों पर उतरकर विरोध किया, जिसमें बॉबी पंवार को हिरासत में लिया गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि यह युवाओं के साथ धोखा है और इससे उनका मनोबल टूट रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे बड़ा घोटाला बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे युवा सिस्टम से विश्वास खो रहे हैं।
आयोग का दावा है कि मामला केवल एक केंद्र और एक छात्र से जुड़ा है, इसलिए परीक्षा रद्द करने की जरूरत नहीं। लेकिन अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने और दोबारा आयोजन की मांग कर रहे हैं।
पेपर लीक की खबरों में कुछ रहस्य बाकी हैं, जैसे परीक्षा केंद्र पर मोबाइल प्रतिबंध होने के बावजूद फोटो कैसे ली गई। कुछ वीडियो और यूट्यूब चैनलों पर 3 पेज के रहस्य की चर्चा हो रही है, जहां दावा है कि लीक हुए पेज परीक्षा से मेल खाते हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।


















































