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भोपतवाला में भाजपा की वरिष्ठ नेत्री से जुड़े होटल पर अनियमितताओं के गंभीर आरोप, HRDA की चुप्पी पर सवाल

 हरिद्वार।
हरिद्वार के उत्तरी क्षेत्र में स्थित सत्यम विहार, भोपतवाला इलाके में एक भव्य होटल निर्माण बिना सेटबैक नियमों के पूरा हो चुका है। स्थानीय सूत्रों और आरोपों के अनुसार, यह होटल भाजपा की पूर्व मेयर प्रत्याशी (या उनके करीबी) से जुड़ा हुआ है। निर्माण में कई गंभीर अनियमितताएं बताई जा रही हैं: न तो दमकल विभाग से अनुमति ली गई, न ही अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक मंजूरियां प्राप्त की गईं। इसके बावजूद विद्युत कनेक्शन और पाइन के माध्यम से पानी का कनेक्शन भी मिल चुका है।
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) की ओर से इस मामले में अब तक कोई जांच, नोटिस या कार्रवाई की कोई सार्वजनिक जानकारी नहीं है। जबकि HRDA नियमित रूप से अन्य अवैध निर्माणों, कॉलोनियों और होटलों पर बुलडोजर चलाती है या सीलिंग करती है, इस बड़े पैमाने के भवन पर प्राधिकरण को “खबर तक नहीं” पहुंच रही है।  ऐसा आरोप लगाया जा रहा है।
सत्यम विहार, भोपतवाला (हरिद्वार का उत्तरी हिस्सा, जहां पहले भी कुछ अवैध होटल/निर्माणों पर कार्रवाई हुई है)।
निर्माण की स्थि बिना सेटबैक (सड़क से दूरी, ओपन स्पेस, फायर सेफ्टी आदि) के पूरा हो चुका भव्य होटल भवन। यह आवासीय जोन में व्यावसायिक उपयोग के रूप में चल रहा है, जो हरिद्वार मास्टर प्लान और बिल्डिंग बायलॉज के स्पष्ट उल्लंघन है।
दमकल (फायर सेफ्टी) की कोई अनुमति नहीं। अन्य विभागों (जैसे नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण आदि) से क्लियरेंस का अभाव।
विद्युत विभाग से कनेक्शन और पाइनलाइन से पानी की सप्लाई मिल चुकी है, जो नियमों के विपरीत मानी जा रही है।
 यह निर्माण भाजपा की पूर्व मेयर प्रत्याशी से जुड़ा बताया जा रहा है।
HRDA ने हाल के वर्षों में कई जगहों पर सख्ती दिखाई है। भूपतवाला और अन्य क्षेत्रों में अवैध होटल सील किए गए है। अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर भी चलाए जा रहे है।
फिर भी, सत्यम विहार-भोपतवाला के इस विशिष्ट मामले में कोई एक्शन नहीं दिख रहा, जिससे “राजनीतिक प्रभाव” या “मिलीभगत” के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सामान्य नागरिकों के छोटे निर्माणों पर तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन प्रभावशाली लोगों के मामलों में देरी या अनदेखी हो रही है।
यह मामला हरिद्वार जैसे पवित्र और पर्यटन-प्रधान शहर के लिए गंभीर है। बिना सेटबैक और सेफ्टी अनुमतियों के होटल पर्यावरण, यातायात जाम, अग्नि सुरक्षा और शहर की सुंदरता को खतरे में डाल रहे हैं। गंगा किनारे या उत्तरी इलाकों में ऐसे निर्माण बढ़ रहे हैं, जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं।

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