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महिला समेकित विकास योजना से बढ़ी आत्मनिर्भरता

हरिद्वार।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, उत्तराखंड द्वारा संचालित उत्तराखंड महिला समेकित विकास योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। बहादराबाद ब्लॉक के ग्राम गढ़मीरपुर में स्थापित दलिया एवं मसाला उत्पादन इकाइयाँ स्थानीय महिलाओं के लिए आय का स्थायी स्रोत बनकर उभरी हैं।

इस पहल के माध्यम से महिलाओं को न केवल प्रशिक्षण प्रदान किया गया, बल्कि उन्हें उत्पादन, पैकेजिंग एवं विपणन की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई। वर्तमान में गांव में संचालित तीन इकाइयों से जुड़ी महिलाएं नियमित रूप से उत्पाद तैयार कर स्थानीय स्तर पर विक्रय कर रही हैं, जिससे उनकी मासिक आय में वृद्धि दर्ज की गई है।

योजना का सबसे बड़ा लाभ यह रहा है कि अब महिलाओं को रोजगार के लिए गांव से बाहर नहीं जाना पड़ रहा है। इससे उनका समय और संसाधन दोनों की बचत हो रही है तथा वे अपने परिवार और बच्चों की देखभाल के साथ आर्थिक रूप से भी योगदान दे पा रही हैं।

लाभार्थियों का कहना है कि इस योजना ने उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया है और वे अब स्वयं निर्णय लेने में सक्षम हो रही हैं। समूह आधारित कार्यप्रणाली के कारण आपसी सहयोग और सामुदायिक एकजुटता भी मजबूत हुई है।

कार्यक्रम के संचालन में सहयोगी संस्था रजत शहरी एवं ग्रामोत्थान संस्थान की अध्यक्ष कनिका शर्मा ने बताया कि इस पहल से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का उद्देश्य सफल होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि महिलाओं की आय और अधिक बढ़ सके।

यह योजना ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

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