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नगर आयुक्त ने की उच्च न्यायालय की अवमानना

हरिद्वार। रमेश चंद्र शर्मा द्वारा उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका द्वारा एम.सी. की तैनाती की जाएगी। उच्च न्यायालय ने गंगा घाटों पर यात्रियों की सुरक्षा, स्वच्छता प्रदूषण रोकथाम के लिए सीसी टीवी कैमरो को गंगा निकासी तट बनाए गए शौचालय को सीढ़ी लाइन से जोड़ने के निर्देश दिए।

नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार को पी आई एल 69/2018 के निर्णय द्वारा कार्यवाही का आदेश दिया गया था न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा द्वारा दिनांक 2/11/2018

नगर आयुक्त लक्ष्मी नारायण मिश्रा ने न्याय पृच्छा समग्र समग्र कार्य के लिए नियुक्त असिस्टेंट पैरा 16 सी के में शामिल किया था। नगर आयुक्त ने गंभीर प्रतिस्पर्धा करते हुए ना तो गंगा घाटों पर 72 सांता कैमरो को लगाया ना ही गंगा नदी किनारे मौजूद 2 शौचालयों को ट्रायल लाइन से जोड़ा गया ना ही गंगा से जुड़े नालों की सफाई की गई। 20 अक्टूबर 2018 को उच्च न्यायालय को अनारक्षित कर उच्च समग्र कार्य को पूरा करने की घोषणा की गई।

मैं शपथ पत्र प्रतिज्ञा करा कर शेयरधारकों का काम करता था

 

सामाजिक कार्यकर्ता राष्ट्रीय सूचना अधिकार जागृति मिशन के अध्यक्ष राकेश चंद्र शर्मा ने सूचना अधिकार का उपयोग कर नगर निगम से जानकारी 1 मार्च 2019 को जारी की थी

शपथ पत्र में पूर्व दर्शन में 72 सीसी कैमरो को  स्थलीय लाइब्रेरी ले जाया गया

अन्य उद्यमों का उद्घाटन किया जाये

निर्माण इंवेस्टीगेशन सूचना आयोग में प्रवेश पत्र द्वितीय अपील 29587के आवेदन में मुख्य सूचना आयुक्त शत्रुधन सिंह ने 6/8/2020 नगर आयुक्त को आदेश दिया था कि उनके द्वारा जांच की जाए कि बिना कार्य के बिना कार्य के असत्य सोसायटी पर आधारित जिन-जिन अधिकारियों ने उच्च न्यायालय में नोटरी शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया है उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी नगर आयुक्त द्वारा कार्रवाई के विरुद्ध याचिका अपील पुन: आयोग के समक्ष दर्ज की गई थी। तथा रमेश चंद्र शर्मा द्वारा नगर निगम में जांच आवेदन पर सूचना शून्य दर्ज की गई थी, मामला द्वितीय अपील संख्या 36169 दर्ज की गई थी, जिसमें नगर निगम द्वारा दोनों अपीलों के संयुक्त आयुक्त दयानंद सरस्वती को कड़ी चेतावनी दी गई थी। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत तीन सदस्यीय जांच समिति सहायक नगर आयुक्त श्याम सुंदर प्रसाद की राष्ट्रपति की राय के बाद स्थलीय जांच परीक्षण कार्यालय रिकार्ड की जांच समिति ने जांच आख्या दिनांक 31 अक्टूबर 2023 को नगर आयुक्त के सूचना आयुक्त समझ से 3/11/2023 को आख्या प्रस्तुति की करी थी जिसमें केवल 12 सीसी टीवी कैमरो का ऑपरेशन नियंत्रण भवन में सहायक पुलिस प्रवर्तन माध्यम द्वारा प्रावधान किया गया था उनके प्रवेश का रिकॉर्ड नगर निगम में उपलब्ध नहीं कराया गया है शेष 60 कैमरो की जानकारी में बताया गया है कि शौचालयों के सीक्वेल लाइन से जुड़े गंगा अनुरक्षण इकाई के मामले में पत्र भेजा गया था और शपथ पत्र पत्रावली में संबंधित सूची ना होने के कारण निर्माण कार्य को छूट दी गई थी, इसकी पुष्टि करना संभव नहीं है।उक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर सूचना आयुक्त ने अपील की कि अपीलकर्ता आवेदन संख्या 7,6 में स्पष्ट निर्णय लिया गया है कि उच्च न्यायालय में योजित वाद 69/2018 मैं शपथ पत्र के लिए आवेदन करता हूं पुष्टि करना चाहता हूं जो जांचकर्ता हैं यह भी स्पष्ट नहीं है कि उक्त कथन के आधार पर राकेश चंद्र शर्मा द्वारा उच्च न्यायालय द्वारा मेसर्स की नियुक्ति की जाय।

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