Uncategorized

प्रकृति और मानव के बीच सीधा संबंध है गौवर्धन पूजा: श्रीमहंत रविन्द्रपुरी

हरिद्वार।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज ने सभी को गौवर्धन पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गौवर्धन पूजा का सनातन धर्म संस्कृति में बहुत महत्व है। प्रकृति और मानव के बीच सीधा संबंध है। गौवर्धन पूजा का पर्व भी प्रकृति और मानव जीवन से जुड़े पर्व है। शा ों में गाय को गंगा के समान पवित्र माना गया है। गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा गया है। जिस प्रकार देवी लक्ष्मी सुख समृद्धि प्रदान करती है। उसी प्रकार गौ माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती है। गौधन के प्रति श्रद्धा प्रकट के लिए ही दिपावाली के अगले दिन गौवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गौ माता की पूजा कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने कहा कि सभी को गौवंश की पूजा के साथ उनका संरक्षण व संवद्र्धन करना चाहिए। गौमाता में सभी देवी देवताओं का वास है। गाय को हरा चारा खिलाने से ग्रह दोष भी दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा से ब्रजवासियों को बचाने के लिए सात दिनों तक अपनी उंगली पर गोवर्घन पर्वत उठाए रखा। गौवर्धन पर्वत के नीचे समस्त ब्रजवासी मूसलाधार बारिश से सुरक्षित रहे। सातवें दिन भगवान कृष्ण गौवर्धन पर्वत को नीचे रखा और सभी को गौवर्धन पूजा कर अन्नकूट पर्व मनाने की आज्ञा दी। इसके बाद से गौवर्धन पूजा की परंपरा आरम्भ हुई। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति में मनाए जाने वाले सभी पर्वो का प्रकृति से गहरा नाता है। इसलिए सभी को प्रकृति का संरक्षण करने में योगदान करना चाहिए।

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *