हरिद्वार।
ज्वालापुर में मस्जिद व कब्रिस्तान की कमेटियों को लेकर विवाद देखने को मिलता रहता है। इन कमेटियों में अधिकतर वही लोग शामिल नजर आते है जो किसी पार्टी से जुड़े होते है। इसी प्रकार अब ईदगाह कमेटी के नव गठन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। वक्फ बोर्ड चेयरमैन शादाब शम्स के बयान से मुस्लिम समुदाय में रोष पनप रहा है। शादाब के बयान के अनुसार ईदगाह कमेटी अब भाजपा की कमेटी बन गई है। वह अपने बयान में ईदगाह की कमेटी को भाजपा की कमेटी बताते नजर आ रहे है। जबकि वह एक संवैधानिक कमेटी है और वक्फ बोर्ड द्वारा अपनी संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग कर ही किसी कमेटी का गठन किया जाता है। गठित की जाने वाली कमेटियां राजनीतिक नही संवैधानिक कमेटी होती है।
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को ज्वालापुर ईदगाह कमेटी का नव गठन के आदेश जारी किए गए है। जिसके संचालन के लिए 12 सदस्यीय समिति नियुक्त की गई है। जिसमें से अधिकतर व्यक्ति भाजपा से जुड$े है। शनिवार को ज्वालापुर के आर्यनगर स्थित एक फर्नीचर के शोरूम में पहुंच वक्फ बोर्ड चेयरमेन शादाब शम्स ने नवनियुक्त प्रबंध समिति के पदाधिरियों व सदस्यों का स्वागत किया और उन्हें मालाएं पहना सम्मानित किया। इस दौरान मिडिया को दिया गया उनका बयान खूब चर्चा में है। अपने बयानों में वक्फ बोर्ड चेयरमेन शादाब शम्स ईदगाह कमेटी को भाजपा की कमेटी बता रहे है और भंग की गई पुरानी कमेटी को कांग्रेस की बता रहे है। उनके बयानों से लगता है मानो जैसे ईदगाह कमेटी भी राजनीती का हिस्सा बन गई हो और जो पार्टी सत्ता में रहेगी उसी की कमेटी वक्फ बोर्ड नियुक्त करेगा। उनके बयान से मुस्लिम समुदाय में रोष पनप रहा है। उनका ईदगाह कमेटी को भाजपा की कमेटी कहना मुस्लिम समुदाय के लोगों के गले से नही उतर रहा है।