गाय, गांव, गंगा, गुरुकुल और गौरव का संरक्षण ही सनातन धर्म की पुनस्र्थापना का मार्ग है:रामविशाल
हरिद्वार।
तीर्थ सेवा न्यास द्वारा ओम मुरारी आश्रम में प्रथम तीर्थ सेवक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर से आए वालंटियर्स ने भाग लिया। शिविर में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब से आए तीर्थ सेवकों को विश्व सनातन महापीठ तथा #5जी अभियान के उद्देश्य एवं आवश्यकता पर विस्तार से प्रशिक्षित किया गया।
शिविर के पहले सत्र में न्यास के संरक्षक बाबा हठयोगी ने सनातन धर्म के वर्तमान संकट पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज धर्म, संस्कृति और परम्पराआें को बचाना ही सबसे बडा कर्तव्य है। मुख्य अतिथि सनातन महासंघ के अध्यक्ष गौतम खट्टर ने युवाआें की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि राष्ट्र व धर्म की रक्षा तभी संभव है जब युवा संस्कारों और परम्पराआें से जुड$े।
न्यास के अध्यक्ष तीर्थाचार्य रामविशाल दास महाराज ने न्यास के #5जी अभियान को वर्तमान समय की सबसे बड$ी आवश्यकता बताया और कहा कि गाय, गांव, गंगा, गुरुकुल और गौरव का संरक्षण ही सनातन धर्म की पुनस्र्थापना का मार्ग है। उन्होंने कहा कि तीर्थ सेवा न्यास का यह शिविर भविष्य में देशव्यापी अभियान का आधार बनेगा। जिसका लक्ष्य विश्व सनातन महापीठ की स्थापना और सनातन मूल्यों प्रति की रक्षा करना है।
न्यास की कोषाध्यक्ष डा. पूजा श्री ने प्रबंधन, अनुशासन और संगठन विस्तार की रणनीति पर मार्गदर्शन दिया। महामंत्री महन्त आेमदास महाराज ने तीर्थ सेवकों को राष्ट्र निर्माण और धर्म रक्षा का स्तंभ बताया। उपाध्यक्ष एके सोलंकी, समन्वयक शिशिर चौधरी और मंत्री राजेश कुमार ने बताया कि बड$े स्तर पर तीर्थ सेवक निर्माण अभियान चलाया जाएगा। जिसके अंतर्गत देशभर के चरित्रवान युवक-युवतियों को विश्व सनातन महापीठ निर्माण एवं गाय, गांव, गंगा, गुरुकुल, गौरव संरक्षण अभियान से जोड$कर रोजगार और सेवा का अवसर उपलब कराया जाएगा। शिविर में न्यास के तीर्थ सेवक एप के मायम से बड$ी संख्या में सेवकों को जोड$ने की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गयी। कार्यक्रम में प्रबंधक प्रशान्त शर्मा, एडमिन हेड स्नेहा खुराना, मार्केटिंग हेड सुजाता शर्मा, आईटी हेड आशीष भट्ट, निजी सहायक अभिषेक शर्मा तथा धर्म जागरण के प्रदेश संयोजक राहुल कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

















































