हरिद्वार।
पुलिस ने कोर्ट में फर्जी जमानत देने वाले पेशेवर जमानतियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। थाना सिडकुल के अंतर्गत जिला एवं सत्र न्यायालय, हरिद्वार में CJM कोर्ट के समक्ष चल रही सुनवाई के दौरान चार फर्जी जमानतियों का भंडाफोड़ हुआ, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मामला सरकार बनाम रोशन लाल प्रकरण से जुड़ा है, जहां अभियुक्तों मुकेश कुमार उर्फ मोनू, रोशन लाल और राजेश कुमार की जमानत के लिए चार व्यक्ति कोर्ट में पेश हुए थे। जिनमे
उज्ज्वल सिंह निवासी ग्राम परखे रेलवे स्टेशन, पोस्ट अब्दुल्ला। मुकेश कुमार की ओर से नरेश प्रताप बहुगुणा निवासी ग्राम परखे रेलवे स्टेशन, पोस्ट अब्दुल्ला, हरिद्वार) और नरेश पुत्र चंद्रमण (निवासी: 746 टाइप-2, सेक्टर-1 BHEL, हरिद्वार) – रोशन लाल की ओर से
– कमलेश पुत्र देवी सिंह (निवासी: ग्राम परखे रेलवे स्टेशन, पोस्ट अब्दुल्ला, राजेश कुमार की ओर से
ACJM न्यायालय के समक्ष पेशी के दौरान जांच में सामने आया कि ये सभी व्यक्ति पेशेवर जमानती हैं, जो एक ही समय में विभिन्न कोर्टों में अलग-अलग मामलों में जमानत देते रहते हैं। कंप्यूटर रिकॉर्ड और जांच से पता चला कि इन्होंने पहले भी कई मामलों में जमानत ली है, लेकिन अपने शपथपत्र में इसकी कोई जानकारी नहीं दी।
झूठा शपथपत्र देकर न्यायालय को गुमराह करना एक गंभीर दंडनीय अपराध है। इन जमानतियों ने पैसा लेकर अभियुक्तों की जमानत दिलाने का काम किया, लेकिन खुद कानून की आंखों में फंस गए।
थाना सिडकुल पुलिस ने कमलेश, उज्ज्वल सिंह, नरेश प्रताप बहुगुणा और अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
“कानून के साथ छल करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।” फर्जी जमानत देने वाले अब खुद जमानत की तलाश में भटकेंगे।





















































