निराश्रित गौवंश को आश्रय उपलब्ध कराने व निर्माणाधीन गौ शरणालय को दोगुना करने के दिए निर्देश
हरिद्वार।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निराश्रित गौवंश को आश्रय उपलब्ध कराने, भरण—पोषण, बीमारी से बचाव आदि सुविधायें उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में एक बैठक आयोजित हुई।
बैठक में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्बयाल को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. योगेश शर्मा ने राजकीय अनुदान से जनपद हरिद्वार में संचालित पंजीकृत गौशालाआें-श्री कृष्णायन देशी गोरक्षा गैण्डीखाता, गौशाला सभा रूडकी चावमण्डी, भारतीय ग्राम्य विकास एवं गौरक्षार्थ न्यास झीवरहेड$ी, गोपीनाथ जी गौशाला समिति कालूबांस, शिमला देवी गौसेवा धाम ट्रस्ट रामगढ$ी के सम्बन्ध में जानकारी दी। बताया कि इनमें कुल शरणागत गोवंश की संख्या 2943 है।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निराश्रित गौवश हेतु गो सदनों की स्थापना व संचालन के सम्बन्ध में पूछे जाने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य में गो सदनों में विद्यमान निराश्रित गो वंशीय पशुआें की संख्या को सम्मिलित करते हुये शहरी/ ग्रामीण क्षेत्रों में विचरण कर रहे गोवंशी पशुआें के भरण—पोषण हेतु निर्धारित 3 रूपया प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से दी जा रही धनराशि को बढ$ाकर अब 8 रूपये प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से कर दी गयी है। तथा गो सदनों के संचालन के लिये एनजीआे माडल अपनाया जायेगा। जिसमें पूर्व से कार्य कर रहे एनजीआे को वरीयता दी जायेगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी एनजीआे के पास पूर्व में भूमि उपलब्ध होगी तो उस पर निर्माण हेतु धनराशि की कमी होने पर राज्य सरकार निर्माण कार्य हेतु व्यय(गैप फण्डिंग) धनराशि वहन करेगी।
जिलाधिकारी ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि निराश्रित गोवंश को शरण देने हेतु गौशाला शरणालयों की स्थापना हेतु भूमि का चिन्हीकरण किया जाये। इसके अतिरिक्त एनएच के आसपास भी भूमि का चिन्हीकरण किया जाय तथा सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित करते हुये निराश्रित गोवंशीय पशुआें की गणना करना सुनिश्चित करें। पशु कल्याणक समिति को और सक्रिय किया जाये। उन्होंने ये भी निर्देश दिये कि चिन्हांकित भूमि पर निराश्रित गोवंश हेतु गौशाला शरणालय की स्थापना हेतु आंगणन तैयार कर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
बैठक में एमएनए दयानन्द सरस्वती ने बताया कि नगर निगम हरिद्वार सराय में एक करोड 81 लाख की लागत से 500 गायों की क्षमता की गौ शरणालय स्थापित करने जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने नगर निगम को निर्देश दिये कि वे उसकी क्षमता को बढ$ाकर एक हजार करना सुनिश्चित करें तथा इसी तरह रूडकी नगर निगम भी अपनी क्षमता को दोगुना करना सुनिश्चित करे। इसके अलावा जिला पंचायत को भी निर्देशित किया कि निराश्रित पशुआें की गौशालाआें हेतु जिला पंचायत भूमि का चिन्हीकरण कर कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
बैठक में वीर भगत सिंह सेवा सदन ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने निराश्रित गौवश के संरक्षण हेतु गौ सदन की स्थापना किये जाने हेतु भूमि आवंटन करने के सम्बन्ध में अपना पक्ष रखा। इस पर जिलाधिकारी ने नगर निगम हरिद्वार को वीर भगत सिंह सेवा सदन ट्रस्ट को लीज पर भूमि आवंटन किये जाने के सम्बन्ध में निर्देशित किया।
बैठक में बीएचईएल स्थित कांजी हाउस तथा रूडकी स्थित कांजी हाउस के संचालन के सम्बन्ध में भी दिशा—निर्देश दिये गये। बैठक में निराश्रित गौवश के संरक्षण हेतु और क्या—क्या लाभ दिये जा सकते हैं, के सम्बन्ध में विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) पीएल शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट रूड$की अभिनव शाह, एसडीएम पूरण सिंह राणा, एसडीएम लक्सर गोपाल राम बिनवाल, पीडी केएन तिवारी, गौसेवा के लिये समर्पित विभिन्न संस्थाआें के पदाधिकारी सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं पदाधिकारीगण उपस्थित थे।


















































