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डीप सीवर लाईन डालने में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच हो: बडोनी

2010 में डाली गयी सीवर लाईन चालू नहीं कर पाये अब अन्य अमृत योजनाओं से नयी लाईन उसके नीचे डाली जा रही हैं जोकि गोलाई में उससे आधी हैं
हरिद्वार।

प्रान्तीय उद्योग व्यापार मण्डल उत्तराखण्ड के बैनर तले व्यापारियों ने कार्यस्थान पर हाथ में बैनर लेकर प्रदर्शन किया. आरोप लगाया की करोड़ों रूपये की लागत से 2010 में डाली गयी ग्रांट ट्रक सीवर लाईन आज तक चालू नहीं पुनः एशियन डवलपमेंट बैंक से लोन लेकर 2010 से कम मोटी लाईन बिना मानको को पूरे किए डाली जा रही हैं
मुख्यमंत्री की जीरो टारलेन्स नीतियों को अधिकारी व जनप्रतिनिधियो का गठजोड़ जिस प्रकार से हिल बाईपास रोड़ में भ्रष्टाचार का खुला नाच हो रहा हैं उसी प्रकार से अब डीप सीवर लाईन को डालने खुला नाच हो रहा हैं सरकार का नियम हैं कि कॊई भी सहायता प्राप्त निर्माण कार्य स्थल पर योजना का नाम अर्थ उपलब्ध कराने वाले विभाग का नाम कार्य संस्था व उसके निर्माण कार्य एजेंसी का‌ पूरा नाम अधिकारियों के फोन न० सहित कार्य की पूर्ण होने की समयावधि कार्य की प्रकृति लिखा होना अनिवार्य हैं लेकिन उत्तराखण्ड में किसी भी सरकारी निर्माण पर उक्त बोर्ड नहीं लगाये जाते ताकि आम जनमानस वास्तविकता से अवगत हो सके।

प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ समाजसेवी जेपी बडोनी ने व संचालन संरक्षक तेज प्रकाश साहू द्वारा किया गया प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ समाजसेवी जेपी बडोनी ने कहा की हमारे केन्द्रीय राज्य नेतृत्व भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टालरेंस की नीति को बात करते हैं लेकिन अधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधि इस निर्माण दायी संस्था के साथ खुलकर भ्रष्टाचार का खेल खेल रहे हैं। कार्यस्थल पर जलसंस्थान सीवर की अधिकारी मीनाक्षी मित्तल कभी भी नहीं खड़ी होकर कार्य देखती हैं निर्माण कार्य बहुत ही घटिया किस्म का हो रहा हैं।  पाईप लाईन के बेस बनाने के‌ नाम‌ पर केवल क्रेशर की बजरी फैला दी जा रही हैं न इसमे सीमेंट हैं मोटाई भी केवल एक इन्च हैं जोड़ो को ठीक से मिलाया नही जा रहा हैं जो कि चालू होने पर लीक होंगे आम जनता निर्माण कार्य जो कि मानको के अनुरूप नहीं हैं की लाईन विडियो भी डाल रहे हैं।  लेकिन अधिकारी अपने नीजि काम में मोन हैं। कहा की यदि अधिकारी नहीं जागे तो हमे  उच्चन्यालय की शरण में जाना पड़ेगा। संचालन कर रहे तेजप्रकाश साहू ने कहा की आज बड़ा दुर्भाग्य का विषय हैं कि अधिकारियों की जवाब देई इस सरकार से समाप्त कर दी हैं। अधिकारी जवाहर लाल नेहरू अर्बन डवलपमेंट स्कीम के तहत बे लगाब हैं 2010 में डाली गयी सीवर लाईन चालू नहीं कर पाये अब अन्य अमृत योजनाओं से नयी लाईन उसके नीचे डाली जा रही हैं जो कि गोलाई में उससे आधी हैं यह भ्रष्टाचार का नमूना हैं।  पहले 2010 में डाली गयी सीवर लाईन को क्रास करने के लिए डाम कोठी नगर निगम के पीछे व गौतम फार्म हाउस के पास गंगा पुल तक बनाए गए। जिला महामंत्री संजय त्रिवाल ने कहा कि कार्यदाई संस्था रात्रि में कार्य कर रही है वह वो तो ठीक है लेकिन रात के अंधेरे का फायदा उठाकर निर्माण करने को खुला उल्लंघन किया जा रहा है।  जगह-जगह पानी की लाइन गैस लाइन व बिजली सीवर की लाइन तोड़ डाली जा रही है जहां पर लीकेज होता है रबर ट्यूब की लगाकर तुरंत मिट्टी डाल दी जाती है जिसका लीकेज भावनाओं को ले डूबेगा।  अभी हरिद्वार में जिस क्षेत्र में लाइन डाली जा रही है सेकड़ों साल पुराने डाट मेहराब वाले भवन है जो कि खतरे की जड़ में है।  अंग्रेजों के समय नालों के निकास हेतु डाट वाली पुलिया बनाई गई थी वह डाट भी तोड़ी जा रही है जो कि किसी बड़े हादसे को दावत दे रही होगी। प्रदर्शन कर भ्रष्टाचारियों की जांच करने वालों में गगन गुगनानी, सूरज कुमार, नितिश कुमार, सुनिल कुमार, पवन सुखिजा, दिनेश कुरेजा, दिनेश साहू, अजय रावल, भीकम‌ सिंह, संजय प्रजापति, विशाल ठाकुर आदि शामिल थे।

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